विभागीय परामर्श दात्री बैठक है अनिवार्य

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया कि प्रदेश में 50 से अधिक विभाग हैँ जिनके प्रत्येक जिले, तहसील, ब्लॉक में हजारों कार्यालय एवं उप कार्यालय हैँ जिनमें लाखों की संख्या में अधिकारी कर्मचारी पदस्थ हैँ। इन विभिन्न विभागों में पदस्थ लाखों कर्मचारियों में पद भिन्नता हैँ। स्थायी,अस्थायी,कार्यभारित, संविदा, दैनिक वेतन भोगी, आउट सौर्स कर्मी,कुशल श्रमिक ,अकुशल श्रमिक कलेक्टर रेट पर दिहाड़ी कर्मी जो अनेक वर्षों से अपनी सेवाएं देते आ रहे हैँ। सामान्य प्रशासन विभाग के संशोधित नियमानुसार प्रत्येक विभाग में मान्यता और गैर मान्यता प्राप्त सभी संगठनों क़ो आमंत्रित करना अनिवार्य होता है इस हेतु लगभग 7 दिवस पूर्व विभाग द्वारा संगठनों से पत्राचार कर उन्हें सूचित करना चाहिए और उनसे निर्धारित प्रपत्र पर उनकी मांगो /समस्याओँ की एक प्रति अग्रिम रूप से तीन दिन पहले कार्यालय प्रमुख प्राप्त कर लेते हैँ। संगठनों को जिन बिंदुओं पर चर्चा करनी होती हैँ वो पूर्व लिखित दे दी जाती हैँ जिससे कि अधिकारीयों को उत्तर तैयार करने एवं लिखित में जबाब देने में सुविधा हो जाती हैँ यही परंपरा वर्षों से चली आ रही है। संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर,ऋषि पाठक,अशोक उपाध्याय,जी आर झारिया,चंदा सोनी, आशा सिसोदिया, पुष्पा रघुवंशी पत्र लिखकर मांग की है।



