सारिका गुप्ता एवं अन्य के खिलाफदायर पुनरीक्षण याचिका सत्र न्यायालय द्वारा खारिज

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश वुशु संघ के पूर्व सचिव श्रीमती सारिका गुप्ता एवं अन्य द्वारा संस्था को प्राप्त शासकीय अनुदान का दुरुपयोग तथा कूट रचित दस्तावेज बनाकर मध्य प्रदेश वूशु संघ में असंवैधानिक ढंग से कब्जा करने की कोशिश में धोखाधड़ी करने के आरोपों पर मध्य प्रदेश पूर्व संघ के सचिव की हैसियत से मनोज गुप्ता द्वारा दायर परिवाद क्रमांक 2351/2023 अंतर्गत धारा 156/3 में समस्त दस्तावेजी साक्ष्यों का परिशीलन कर जिला न्यायालय द्वारा मध्य प्रदेश वूशु संघ के पूर्व अध्यक्ष एनके त्रिपाठी एवं पूर्व सचिव सारिका गुप्ता तथा सारिका के भाई सिद्धार्थ श्रीवास्तव बहन सपना श्रीवास्तव बहनोई रजनीश सक्सेना , शैलेंद्र शर्मा व माया रजक के द्वारा मध्य प्रदेश वूशु संघ की बैठक दिनांक 28.12.2021 में कूट रचित दस्तावेज तैयार किया जाना एवं शासन से खेल स्पर्धाओं के नाम पर राशि आहरित किये जाने का संज्ञेय अपराध होना पाकर पुलिस को इस धोखाधड़ी में अन्वेषण करने दिनांक 13.04.2023 को आदेशित किया।
न्यायालयीन आदेश के परिपालनार्थ थाना संजीवनी नगर में सारिका गुप्ता के खिलाफ धारा 420 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।
उपरोक्त न्यायालयीन आदेश को अनुचित बताते हुए सारिका गुप्ता द्वारा छब्बीसवे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के समक्ष रिविजन अपील प्रस्तुत किया गया था जिसे जस्टिस वंदन मेहता ने खारिज करते हुए अपने आदेश में लिखा की मनोज गुप्ता विरुद्ध एन के त्रिपाठी व अन्य में पारित आदेश दिनांक 13.04.2023 में किसी प्रकार की कोई विधिक अथवा तथ्यात्मक त्रुटि नहीं की है । विद्वान मजिस्ट्रेट न्यायालय के आदेश दिनांक 13.04.2023 में कोई अवैधता, अशुद्धता या अनौचित्यता ना होने से पुनरीक्षण के माध्यम से उसमें हस्तक्षेप किया जाना उचित नहीं है। फलतः पुनरीक्षण याचिका सारहीन होने से निरस्त की जाती है।
मध्यप्रदेश वूशु संघ के सचिव मनोज गुप्ता की ओर से एडवोकेट ब्रजभूषण पांडे ने सारिका गुप्ता द्वारा प्रस्तुत पुनरीक्षण याचिका का विरोध किया था।



