भविष्य की चुनौतियों का जवाब है कृषि में महिला उद्यमिता : कुलपति

जबलपुर दर्पण। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय में वसुधैव कुटुम्बकम् की अवधारणा लिए हुए भारत में जी-20 के अंतर्गत महिला उद्यमियों के विकास हेतु राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना (नाहेप) के अंतर्गत ‘‘महिला सशाक्तिकरण के लिये कृषि उद्यमिता में अवसर‘‘ विषय पर एक दिवसीय नेशनल सेमीनार का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। नेशनल सेमीनार का शुभारंभ सरस्वती वंदना, दीप प्रज्जवलन एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुआ। इस दौरान कुलपति डॉ. पी.के. मिश्रा ने मुख्यअतिथि की आसंदी से कहा कि भविष्य की चुनौतियों का जवाब कृषि में महिला उद्यमिता है। छात्राओं एवं नये उद्यमियों को कृषि के क्षेत्र में उद्यमिता के अवसरों को जानने, समझने एवं कार्यरूप में परिणित करने के लिये सफल महिला कृषि उद्यमियों से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। उनके लिये यह सुनहरा अवसर है कि ऐसे सेमीनार के माध्यम से कृषि के क्षेत्र में उद्यमिता के अवसरां को जानने और समझने और हर पहलू पर सही जानकारी एवं सफल उद्यमी बनने की प्रेरणा मिलेगी। कुलपति डॉ. मिश्रा ने कहा कि ऐसे सेमीनार समय-समय पर आयोजित होते रहना चाहिये, जिससे नये उद्यमियों को प्ररेणा मार्गदर्शन के साथ सही जानकारी और शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ भी मिलता रहेगा।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. धीरेन्द्र खरे, संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. जी.के. कौतू, संचालक विस्तार सेवाएं डॉ.दिनकर प्रसाद शर्मा, संचालक शिक्षण डॉ. अभिषेक शुक्ला, संचालक प्रक्षेत्र डॉ. दीप पहलवान, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. अमित कुमार शर्मा उपस्थित रहे। साथ ही डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी संकाय अध्यक्ष एवं डॉ. राजेन्द्र कुमार नेमा, प्रमुख अन्वेषक, राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना संयोजक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. आर.के. नेमा, प्रमुख अन्वेषक, एन.ए.एच.ई.पी. ने स्वागत भाषण कार्यक्रम का परिपेक्ष्य प्रस्तुत किया।



