बहिष्कार की नई रणनीति के साथ परिजन भी आंदोलन में शामिल होंगे

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि पेंशन लोकसेवक (अधिकारी और कर्मचारी)का मौलिक अधिकार माना जाना चाहिए। वर्तमान मेँ अंशदायी पेंशन योजना लोकसेवक के स्वपनों पर कुठाराघात है। बढ़ती महंगाई मेँ जब आज जीवकोपार्जन हेतु वेतन कम पड़ जाता है तो विचारणीय पहलू है कि सेवानिवृति के उपरांत लोकसेवक इस नई पेंशन योजना के दुष्परिणाम का शिकार हो जायेगा। सेवा अवधि मेँ अधिकारी -कर्मचारी पूर्ण निष्ठा के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करता है तो सरकार का भी फ़र्ज बनता है कि वो अधिकारीयों -कर्मचारियों के विश्वास को ना तोड़े ना ही उन्हें अंधकार मेँ धकेले क्योंकि पेंशन लोकसेवक के बुढ़ापे का सहारा है। सरकार से लगातार मांग करने पर एवं अनेकों बार धरना -प्रदर्शन करने पर तथा ज्ञापन देने पर भी सरकार ने इस दिशा में कोई भी सकारात्मक ठोस कदम नहीं उठाया है।लगातार प्रयासों के बाद भी लोकसेवक की मूलभूत जायज मांग “पुरानी पेंशन बहाली “नहीं मानने के कारण अब परिजनों ने बहिष्कार की नई रणनीति बनाई है। लोकसेवकों के परिवार जन भी नई पेंशन नीति से प्रभावित हो रहे है। परिजनों को भी अपना भविष्य संकट में दिखलाई पड़ रहा है क्योंकि परिवार का मुखिया अभी जो वेतन प्राप्त कर रहा है उसकी सेवानिवृति के बाद उसे वेतन का एक चौथाई भी पेंशन के रूप में नहीं मिलेगा तो घर परिवार कैसे चलेगा। जीवकोपार्जन करना दुभर हो जायेगा।इस विकराल संकट को भाँपते हुए अब परिजनों ने भी कांधे से कांधा मिलाकर इस समस्या से निपटने की तैयारी प्रारम्भ कर दी है। संगठन के भास्कर गुप्ता,अफ़रोज़ खान,ऋषि पाठक,नितिन तिवारी, विश्वनाथ सिंह, डेलन सिंह, विशाल सिंह, आकाश भील, जी आर झारिया ने सरकार से मांग की है।



