केन्द्रीय जेल जबलपुर में 14 वर्ष या अधिक समय से परिरूद्ध बंदियों के रिहाई हेतु विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

जबलपुर दर्पण। सोनाधर विरूद्ध छत्तीसगढ राज्य में मान्नीय उच्चतम न्यायालय, नईदिल्ली द्वारा पारित आदेश के परिपालन में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष के निर्देशन में, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनीष सिंह ठाकुर एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी मोहम्मद जिलानी, विधि छात्र हार्दिक गुप्ता, विधि छात्र हर्षित बिल्थरे, विधि छात्रा कु. पर्युषी कौशल एवं विधि छात्रा कु. मैत्रेयी मिश्रा की उपस्थिति में केन्द्रीय जेल जबलपुर में 14 वर्ष या अधिक समय से परिरूद्ध बंदियों के हितार्थ विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कोविड-19 महामारी के मार्गदर्शी सिद्धांतो का पालन करते हुए किया गया। सचिव मनीष सिंह ठाकुर द्वारा दण्डित बंदियों को समय-पूर्व रिहाई प्रकरणों के निराकरण अथवा निरस्त किये जाने के संबंध में आवश्यक विधिक सहायता की जानकारी दी गई। शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी मोहम्मद जिलानी द्वारा 14 वर्ष या अधिक समय से परिरूद्ध बंदियों को समय-पूर्व रिहाई हेतु संवैधानिक अधिकार एवं जेल नियमों में वर्णित नियमो तथा सशर्त रिहाई के संबंध में बंदी परिवीक्षाधीन सम्मोचन नियम, 1964 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। विधि छात्र हार्दिक गुप्ता द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 20 की जानकारी बंदियों को दी गई। शिविर का आयोजन जेल अधीक्षक श्री अखिलेश तोमर, सहायक जेल अधीक्षक श्रीकांत त्रिपाठी एवं अन्य जेल शासकीय सेवकों तथा जेल पैरालीगल वॉलेंटियर्स की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। शिविर में आभार प्रदर्शन जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर द्वारा किया गया तथा मंच का संचालन सहायक जेल अधीक्षक राकेश मोहन उपाध्याय द्वारा किया गया।



