यह संसार भगवान का एक सुन्दर बगीचा: पंडि़त श्रवण शास्त्री

श्रीमद् भागवत कथा में भगवान के चौबीस अवतारों का हुआ वर्णन
जबलपुर दर्पण। कैलाशपुरी गुप्तेश्वर में श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास पंडित श्रवण शास्त्री द्वारा तीसरे दिवस की कथा में भगवान के चौबीस अवतारों की कथा की। इस दौरान कथा के साथ साथ समुद्र मंथन की बहुत ही रोचक एवं सारगर्भित कथा सुनाते हुए कहा कि यह संसार भगवान का एक सुंदर बगीचा है, यहां चौरासी लाख योनियों के रूप में भिन्न. भिन्न प्रकार के फू ल खिले हुए हैं, जब-जब कोई अपने गलत कर्मों से इस संसार रूपी भगवान के बगीचे को नुकसान पहुंचाने की चेष्टा करता है, तब-तब भगवान इस धरा धाम पर अवतार लेकर सजनों का उद्धार और दुर्जनों का संघार किया करते हैं।
कथा के दौरान पंडि़त श्रवण शास्त्री ने उपस्थितजनों को सदा परोपकारी कार्य करते रहने की प्रेरणा दी और कहा कि जितना हो सके तो उतना व्यक्ति को भलाई के कार्य में लगे रहना चाहिए, यही ईश्वर की सच्ची सेवा होता है। इस दौरान यजमान व्यास पीठ का पूजन विद्या मिश्रा, मनोरमा मिश्रा, धैर्य, ध्रुव, आश, आचार्य अतुल चतुर्वेदी, प्रभूदेव तिवारी आदि ने किया।



