पाँचवीं आठवीं के परीक्षा सेन्टर दूर दराज न बनाए जाएं

बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेंटर अन्यत्र न बनाए जांए
जबलपुर दर्पण। -मध्य प्रदेष जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि इस बार पाँचवी और आठवीं की वार्षिक परीक्षा बोर्ड पैर्टन पर आधारित होनी है जिसके सेंटर दूसरे स्कूलों में बनाए जाने की कवायत जारी है जो कि छोटे बच्चों को मद्देनजर रखते हुए अनुचित है। जबकि पिछले सत्रों में जो पाँचवी और आठवीं की परीक्षाएं संचालित की गई थी उसमें केन्द्राध्यक्ष दूसरी शालाओं से लगाए गए थे ठीक उसी प्रकार इस वर्ष भी केन्द्राध्यक्ष बदल कर लगाए जाने चाहिए परंतु स्कूलों के सेंटर वहीं यथावत रखे जाने चाहिए ताकि बच्चों को किसी प्रकार का जाने आने में जोखिम न उठाना पड़े।संघ ने आगे बताया कि यदि पाँचवी और आठवीं की परीक्षाओं के सेंटर 5 किलोमीटर और उससे अधिक दूरी पर बनाए जाते हैं तो शासकीय शालाओं में अध्ययनरत गरीब तबके के बच्चों को सेंटर तक पहुंचने में समस्याओं का सामना करना पड़ेगा यदि पालक उन्हे छोड़ने जाते हैं तो उन्हे आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा और यदि बच्चे स्वयं जाते हैं तो संभवतः वे भटक भी सकते हैं और उन्हे किसी भी प्रकार के हादसों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि इन छोटे बच्चों को रोड क्रास कर जाना पड़ेगा जिससे दुर्घटना हो सकती है और दूर दराज स्कूलों के सेंटर में जाने से कुछ बच्चे भटक सकते हैं और कुछ अनुपस्थित भी हो सकते हैं जिससे उन्हे परीक्षा से वंचित होना पड़ेगा। यह एक गंभीर समस्या है जिसे ध्यान में रखते हुए सेंटर केम्पस में ही बनाया जाना चाहिए।संगठन के जिलाध्यक्ष-राॅबर्ट मार्टिन, राजकुमार यादव, एनोस विक्टर, रऊफ खान, धनराज पिल्ले, फिलिप अन्थोनी, सुधीर अवधिया, अफरोज खान, गुडविन चाल्र्स, संतोष चैरसिया, प्रदीप पटेल, मनीष मिश्रा, एस.बी.रजक, आर.पी.खनाल, अजय मिश्रा, विनोद सिंह, गोपीषाह, उमेष सिंह ठाकुर, सुनील झारिया, रवि जैन, सुधीर पावेल, राॅबर्ट फ्रांसिस, आषाराम झारिया, अषोक परस्ते, योगेष ठाकरे, वीरेन्द्र श्रीवास, विजय झारिया, सुनील स्टीफन, वसीमुद्दीन, विनय रामजे, रामकुमार कतिया, सरीफ अहमद अंसारी, आषीष कोरी, कादिर अहमद अंसारी, अनूप डाहट, मानसिंह आर्मो आदि ने कलेक्टर महोद्य से मांग की है कि जिलाषिक्षा केन्द्र जबलपुर को आदेषित किया जाए कि वे पाँचवी और आठवीं की वार्षिक परीक्षा हेतु सेंटर उन्ही स्कूलों के केम्पस में ही बनाएं।
सादर प्रकाषनार्थ



