सबसे बड़ा धर्म है पीड़ित मानवता की सेवा

जबलपुर दर्पण । पीड़ित मानवता की सेवा ईश्वरीय आराधना के समतुल्य व सबसे बड़ा धर्म है।इस पुनीत कार्य में संलग्न चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की सेवाएं वंदनीय हैं।
उक्त उद्गार श्री रावतपुरा सरकार ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के वार्षिक समारोह में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने मुख्य अतिथि की आसंदी से व्यक्त किए। कार्यक्रम अध्यक्ष व राज्य शिक्षा सलाहकार डॉ. श्रद्धा तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा की शिक्षा का लक्ष्य धनोपार्जन नहीं बल्कि दीन दुखियों और पीड़ितों की सेवा होना चाहिए। विशिष्ट अतिथि व निःशक्त जन आयुक्त संदीप रजक ने छात्र छात्राओं का आह्वान किया की वे अपना कुछ समय दिव्यांगजनों के शैक्षिक ,सामाजिक व आर्थिक विकास हेतु भी समर्पित करें। समारोह को आचार्य परिषद के संयोजक डॉ . एच . पी.तिवारी,मेडिकल कालेज के अस्थिरोग विभागाध्यक्ष डा .अशोक विद्यार्थी, इग्नू के सहायक निदेशक डॉ.हरीश केवट ,विधिवेत्ता एड. सत्येंद्र ज्योतिषी , समाजसेवी के .के. तिवारी व जीवेश पांडे ने भी संबोधित किया।
अतिथियों द्वारा खेल, योग, व्यायाम व सर्व श्रेष्ठ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों हेतु विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया।
आयोजन में महाविद्यालय परिवार के डॉ. विकास द्विवेदी, डॉ.आर.के.वर्मा, डॉ .पी. कुमार, डॉ.संजय जाघेला, डॉ. रीतेश कुमार,डॉ.ज्योति चौहान,प्रखर पांडे, राकेश सिंह, डॉ.दीपक कुमार,धीरेंद्र पटले, चंचल तिवारी, द्रोपाल बरकडे,आकांक्षा जेठमल,कीर्ति सोनी, संक्रांति झरिया व संजय सेन का विशेष सहयोग रहा ।


