सहकारी समिति का गठन हो

जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग को रेलवे सहकारी समिति की तर्ज पर सहकारी समिति का गठन करना चाहिए जिससे कि शिक्षक संवर्ग को आवश्यकता पड़ने पर न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त हो सके और शिक्षक संवर्ग अपनी धन राशि यदि कोई बचत होती है तब सहकारी समिति में जमा भी कर सके अर्थात आवश्यकता पड़ने पर उधार ले सके और अतिरिक्त राशि(बचत )होने पर उस राशि को जमा कर सके। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने बताया कि सहकारी समिति बैंक के नियमों के तहत गठित की जाती हैं इसलिए इनसे लिया गया कर्ज आसान किश्तों में कम ब्याज दर से चुकाया जा सकता है और जमा धन राशि पर भी ब्याज मिल सकता है जमा धन सहकारी समिति में सुरक्षित रहता है। शिक्षक मकान के लिए, त्यौहार के लिए, विवाह के लिए एवं अचानक पड़े किसी अतिआवश्यक कार्य के लिए ऋण ले सकते है कुछ जिलों में इस तरह की सहकारी समिति बैंक चल रहे हैं।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार सहकारी समिति बैंक से शिक्षक संवर्ग में एकता स्वाभिमान की भावना भी विकसित होगी। शिक्षकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षक को कर्ज के लिए बाजार या बैंक के चक्कर भी नहीं काटना पड़ेंगे इनकी समस्या का समाधान सहकारी समिति बैंक से ऋण लेकर हो सकता है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर, भास्कर गुप्ता, जी आर झारिया, ऋषि पाठक, दुर्गेश खातरकर, अजब सिंह, धर्मेंद्र परिहार, सुल्तान सिंह, विश्वनाथ सिंह, नितिन तिवारी, इमरत सेन, आकाश भील, देवराज सिंह, डेलन सिंह, विशाल सिंह, आदेश विश्वकर्मा,राकेश मून,महेश मेहरा, विष्णु झारिया, राशिद अली, रेनू बुनकर, अर्चना भट्ट, पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी, गीता कोल, राजेश्वरी दुबे, सरोज कोल, ब्रजवती आर्मो, शबनम खान,कल्पना ठाकुर इत्यादि ने मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है, कि शिक्षक हित में इस पर विचार करना चाहिए और सहकारी समिति बैंक की स्थापना के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए।

