छतरपुर दर्पणमध्य प्रदेश

झोलाछाप डॉक्टर ने ली मरीज की जान परिजनो ने लगाए गंभीर आरोप

छतरपुर जबलपुर दर्पण । सरवई तिराहे के पास अवैध रूप से संचालित क्लीनिक में गुरुवार की शाम लगभग 4 बजे एक अधेड़ उम्र के मरीज की इलाज के दौरान मृत्यु होने व उसके बाद झोलाछाप डॉक्टर द्वारा ई-रिक्शा के माध्यम से मृत व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने तथा अस्पताल में डॉक्टर ने उक्त व्यक्ति को मृत घोषित करने का संगीन घटना क्रम सामने आया है। शुक्रवार को गुस्साए परिजनों ने मेडिकल और क्लीनिक शील करने की मांग की जिसके बाद दोनों जगहों को राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा शील किया गया है। परिजनों ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टर द्वारा गलत इलाज करने से हमारे मरीज की जान गई है।
परिजनों को अस्पताल में मृत मिला शिवकुमारपुलिस के अनुसार थाना जुझारनगर इलाके के ग्राम कंचनपुर निवासी शिवकुमार पिता पूरन अहिरवार उम्र 52 वर्ष जो कि गुरुवार को 10 बजे अकेले घर से यह कह कर निकला था कि गौरिहार में पाल मेडिकल जाकर इलाज करवाना है। करीब 3 बजे दोपहर गांव के शैलेंद्र सिंह ने मोबाइल पर परिजनों को सूचना दी कि शिवकुमार की तवियत ज्यादा खराब है तभी मृतक का बड़ा भाई राजाभैया अहिरवार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा जहां डॉक्टर ने शिवकुमार को मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में पुलिस सरवई तिराहे व अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगालेगी ताकि इस बात का पता चल सके कि मृतक शिवकुमार अस्पताल किस जगह से किसके ई-रिक्शे में अस्पताल लाया गया और उसे कौन लेकर आया फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच शुरू कर दी है।
क्लीनिक व मेडिकल स्टोर को किया गया शीलघटना के बाद से झोलाछाप डॉक्टर मेडिकल व क्लीनिक बंद कर गायब है। इसी बीच बीएमओ लखन सिंह, तहसीलदार आकाश नीरज व पुलिस महकमे द्वारा अवैध रूप से संचालित क्लीनिक व मेडिकल स्टोर को शील किया गया है। इसके बाद शव का पीएम डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया गया। पुलिस ने बताया कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद मामले की हर पहलू की जांच की जाएगी। उक्त कार्रवाई के दौरान टीम में राजस्व निरीक्षक केपी कोल, पटवारी ज्ञान सिंह राय सहित डॉक्टर मौजूद रहे।
पूर्व में भी शील हुआ था मेडिकल स्टोर व बेसमेंट
जिले भर में चल रहे झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश जिला कलेक्टर ने स्वास्थ्य अमले को दिए थे, 29 अप्रैल को छापामार कार्रवाई के दौरान पाल मेडिकल स्टोर के संचालक राजकरण पाल द्वारा अवैध रूप इलाज करते पाए जाने पर मेडिकल स्टोर व उसके नीचे का बेसमेंट शील किया गया था, लेकिन राजनैतिक दबाव बस एक हप्ते के अंदर ही मेडिकल स्टोर खोल दिया गया था। लेकिन जहां इलाज हो रहा था वह बेसमेंट आज भी शील है। यही कारण है कि अब राजकरण पाल घर में क्लीनिक संचालित करता था।

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