हमारे बुजुर्ग हमारी धरोहर हैं

जबलपुर दर्पण। अखिल भारतीय काव्य मंच के तत्वावधान में हमारे बुजुर्ग हमारी धरोहर विषय पर ऑनलाइन काव्य संध्या का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि प्रार्थना अर्गल लखनवी ने कहा यह संस्था सदैव चुनिंदा विषयों पर काव्य पाठ करवाती है संस्था को साधुवाद मुख्य अतिथि रत्ना ओझा रत्न ने अपने उद्बोधन में कहा यदि हम अपने बुजुर्गों को अपनी धरोहर मान लें तो निश्चित रूप से वृद्ध आश्रम की संख्या कम हो जाएगी सारस्वत अतिथि के रूप में अर्चना द्विवेदी गुदालु ने कहा बुजुर्गों से ही हमें संस्कार प्राप्त होते हैं इसी के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में अलका मधुसूदन पटेल, डॉ. सलमा जमाल, नवनीता चौरसिया, डॉ. संध्या शुक्ल मृदुल ने इस विषय को अति महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इस तरह के आयोजन और गोष्ठियों समय की मांग है प्रसंग साधुवादप्रसंग संस्था के संस्थापक इंजी. विनोद नयन द्वारा हमारे बुजुर्ग हमारी धरोहर विषय पर सरगर्भित उद्बोधन दिया गया* सुश्री अस्मिता शैली की सरस्वती वंदना से काव्य संध्या प्रारंभ हुई जिसमें अर्चना गोस्वामी, डॉ मनोरमा गुप्ता, उमा सुहाने ,डॉ विनीता पांडे विनीत, राजकुमारी राज, उमा मिश्रा प्रीति, राजेश लखेरा,डा.मकबूल अली डॉ.संगीता भरद्वाज मैत्री, मदन श्रीवास्तव, अनुकंपा नायक, चंदा देवी स्वर्णकार, रमेश श्रीवास्तव चातक, कोमल साकल्य, योगिता चौरसिया, डॉ अंकिता नेमा, मथुरा प्रसाद कोरी, प्रभात श्रीवास्तव बच्चन, तरुणा खरे, आशा श्रीवास्तव, सिद्धेश्वरी शीलू ,दुर्गा सिंह पटेल, रजनी कटारे, गायत्री नीरज चौबे, आरती श्रीवास्तव ,रचना श्रीवास्तव, कालिदास ताम्रकार सुभाष शलभ, डॉ छाया सिंह ,एड.तृप्ति त्रिवेदी, आकांक्षा जैन, ने अपनी शानदार रचना का पाठ किया इस काव्य संध्या की परिकल्पना कार डॉ रानु रूही रही, संचालन डॉक्टर मुकुल तिवारी तथा आभार प्रदर्शन बसंत कुमार शर्मा द्वारा व्यक्त किया गया।



