जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

तकनीकी कौशल प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जावे

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मध्यप्रदेश शासन के समस्त विभागों के प्रायः समस्त कार्यों के कम्प्यूटरिकृत होने से ऐसे अनेक कर्मचारी हैं जो कि संसाधनों की कमी या अप्रशिक्षित होने से कुछ विभाग में निपुण प्रशिक्षितों को जबरन समय-समय पर किश्तों में वेतन की राशि से अपना कार्य कराने के लिए दक्षिणा स्वरूप राशि भुगतान करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।बिना चढ़ोतरी के काम नहीं बनता है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार शासन के लगभग समस्त कार्य वर्तमान में कम्प्यूटरिकृत हो गए हैं, किन्तु नाम मात्र के लोकसेवक ही इन कार्यों में कुशल प्रशिक्षित है, जिसके कारण इनकी मजबूरी हो जाती है कि ये ना चाह कर भी प्रतिदिन ऐसे निपुण प्रशिक्षितों को जबरन समय-समय पर किश्तों में वेतन से खर्चा देते रहते हैं। शिक्षा विभाग में तों लगभग प्रतिदिन ऑनलाइन भिन्न -भिन्न जानकारी वरिष्ठ कार्यालय से समय सीमा में अनिवार्य मांगी जाती है, जबकि समस्त शासकीय शालाओं में ना तो कम्प्यूटर हैं,ना ही कोई कुशल प्रशिक्षितों का स्टाफ है।इस तरह की मजबूरी से पीड़ित लोक सेवको को अपने ही विभाग के कुछ गिने-चुने कुशल प्रशिक्षितों के हाथ पैर जोड़ कर ,अपनी जेबों से राशि खर्च कर समय सीमा पर कार्य पूर्ण करना पड़ता है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर, जी आर झारिया, भास्कर गुप्ता, विश्वनाथ सिंह, माधव पाण्डेय, आकाश भील, अजब सिंह, आदेश विश्वकर्मा, अरविन्द विश्वकर्मा, राशिद अली,सुल्तान सिंह, देवराज सिंह, इमरत सेन, चंद्रभान साहू, नितिन तिवारी, विशाल सिंह, सुधीर गौर, सतीश खरे, राजेश्वरी दुबे, पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी,ब्रजवती आर्मो, सुमिता इंगले, शायदा खान, शबनम खान,पवन सोयाम, रामदयाल उइके, रामकिशोर इपाचे, सरोज कोल, गीता कोल, महेश मेहरा, भोजराज विश्वकर्मा, अर्चना भट्ट, भागीरथी परसते, अजय श्रीपाल, सुरेंद्र परसते, डेलन सिंह, लोचन सिंह इत्यादि ने शासन प्रशासन से मांग की है, कि अतिशीघ्र समस्त विभागों में संसाधनों के साथ दक्षता वर्धक कम्प्यूटर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएं जिससे विभाग के समस्त कार्यों में गति आएगी एवं ऐसे वसूली राजाओं से बचेंगे जिनसे समय-समय पर लोकसेवक मजबूरी वश कार्य करवाते हैं।

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