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शासन की उदासीनता के कारण छात्र ब्याज पर पैसे लेकर फीस भुगतान करने मजबूर – तरुण भनोत

जबलपुर दर्पण | इंजीनियरिंग और व्यवसायिक शिक्षा के छात्रों को पिछले वर्ष 2022-23 की लंबित छात्रवृत्ति के अविलंब भुगतान के लिए पूर्व वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र | शासन द्वारा शैक्षणिक सत्र 2022-23 की छात्रवृत्ति का अबतक भुगतान नही किया गया है, छात्रवृत्ति के भुगतान में एक-एक साल के विलंब के कारण छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर ऐसे छात्र जिनकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति अच्छी नही है उन्हे अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है | छात्रवृत्ति का भुगतान एक सतत प्रक्रिया है और इसके लिए हर वर्ष बजट का एक हिस्सा रिजर्व रखा जाता है ताकि नियमित समय पर छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा सके | लेकिन, यह अत्यंत पीड़ादायक है कि शैक्षणिक सत्र के खत्म हो जाने के बाद भी छात्रवृत्ति का भुगतान लंबित है | उक्त आरोप प्रदेश सरकार में पूर्व वित्त मंत्री एवं जबलपुर पश्चिम से विधायक श्री तरुण भनोत ने इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों की शिकायत के आधार पर छात्रवृत्ति के भुगतान के लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को प्रेषित पत्र के माध्यम से व्यक्त किया |
श्री भनोत ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को प्रेषित पत्र के माध्यम से बताया कि पिछले दिनों निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने मिलने के क्रम में बताया कि वर्ष 2022-23 की छात्रवृत्ति का शासन द्वारा भुगतान नही किया गया है, जिसके कारण कॉलेज प्रबंधन उनपर कॉलेज की फीस जमा करने का दवाब बना रहे है | उन छात्रों ने बताया कि उनकी पारिवारिक स्थिति ऐसी नही है कि वे कॉलेज की फीस जमा कर सके, साथ ही उन्होंने श्री भनोत से आग्रह किया कि वे शासन स्तर पर चर्चा और पत्राचार कर उनकी छात्रवृत्ति के भुगतान का प्रयास करें |
श्री भनोत ने मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में बताया कि छात्रवृत्ति का भुगतान लंबित होने के कारण छात्रों को खासकर कॉलेज के फाइनल ईयर के छात्रों को कॉलेज द्वारा फीस भुगतान लंबित होने के कारण उनकी डिग्री नही दी जा रही है और मजबूरन ऐसे छात्रों को मोटे-ब्याज पर पैसे लेकर फीस का भुगतान कर अपनी डिग्री प्राप्त कर रहे है और उसके एवज में रकम से अधिक ब्याज चुकाने पर उन्हे मजबूर होना पड़ रहा है | यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि शासन की उदासीनता के कारण छात्रों को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है |

प्राथमिक, माध्यमिक बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम में विसंगतियों के चलते अविभावकों में रोष
जबलपुर-मध्य प्रदेष जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के प्रांताध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष रॉबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि अभी 5वीं एवं 8वीं का रिज़ल्ट घोषित किया जा चुका है जिसमे विभिन्न प्रकार की विसंगतियां देखने को मिल रही है जिससे बच्चों के पालकों में रोष व्याप्त है, कि आखिर छोटे-छोटे बच्चे दूर दराज के सेंटरों में परीक्षा देने गए थे। ऐसे में मान्सिक दबाव के चलते बच्चों ने परीक्षा दी उसके बावजूद जब परीक्षा परिणाम आया तो पूरे प्रदेष में कई बच्चे सिर्फ 01और 02 नम्बरों से फेल हो गये जिन्हे दुबारा परीक्षा में बैठना पड़ेगा। जबकि बच्चों को पहले के भांति ग्रेस देकर पास किया जा सकता था। परंतु ग्रेस (कृपांक) न दिए जाने से बच्चों के पालकों में रोष बना हुआ है। वहीं पुर्नगणना का प्रावधान भी नहीं किया गया जिस वजह से अंको के जोड़ने में मानवीय तुर्टी हो गयी हो तो उसका सुधार किया जा सकता था जिससे बच्चों को राहत मिल सकती थी।
संघ ने आगे बताया कि 60 में 20 अंक प्राप्त करने से बच्चे पास हो सकते थे परंतु देखा गया कि दिव्यांग बच्चों को भी 19 नम्बर मिले है जिससे उन्हे पुनः परीक्षा देना पड़ेगी वहीं फीडिंग में भी गलतियों का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। क्योंकि फीडिंग करते समय बच्चों की मार्कषीट में सहषैंक्षिक वाले नम्बरों में शून्य दर्षाया गया है जिससे अंतिम परिणाम में बच्चे फेल दिख रहे हैं। वहीं एक ऐसा भी ब्लॉक है जहां विज्ञान में सभी बच्चे फेल हैं जबकि पालक बच्चों के पास होने का दावा कर रहे हैं। यदी परीक्षा कॉपियों की पुनः मुल्यांकन की व्यवस्था भी होती तो परिणाम कुछ बच्चों के पक्ष में जाता। परंतु इस ओर कोई ध्यान नही दिया गया जिससे पालकों में रोष व्याप्त है।
संघ के जिलाध्यक्ष-रॉबर्ट मार्टिन, मुन्नालाल पटेल, राजकुमार यादव, रऊफ खान, विनोद सिंह, गुडविन चार्ल्स, उमेष सिंह ठाकुर, सुनील झारिया, क्रिस्टोफर नरोन्हा, एनोस विक्टर, राजेन्द्र सिंह, रामदयाल उईके, धनराज पिल्ले, सुधीर अवधिया, आबिद खान, अफरोज खान, देवेन्द्र पटेल, मनीष झारिया, सुधीर पावेल, गोपीषाह, उमेष सिंह ठाकुर, सुनील झारिया, रवि जैन, रॉबर्ट फ्रांसिस, वीरेन्द्र श्रीवास, विजय झारिया, सुनील स्टीफन, विनय रामजे, रामकुमार कतिया, सरीफ अहमद अंसारी, आषीष कोरी, मनीष मिश्रा, संतोष चौरसिया, एस.बी.रजक, अजय मिश्रा, फिलिप अन्थोनी, विजय झारिया, सुखराम विष्वकर्मा आदि ने आयुक्त राज्य षिक्षा केन्द्र भोपाल से मांग की है कि परीक्षा परिणाम में जो भी विसंगतियां हुई हैं उन्हे दूर करते हुए विद्यार्थियों के पक्ष में निर्णय लिए जांए।

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