श्रीमद्भागवत वेद रूपी कल्प वृक्ष : स्वामी नरसिंह दास जी महाराज

जबलपुर दर्पण।प्रभु की भक्ति करते हुए भक्त गुरु पद प्राप्त होता है । गुरु प्रभु भक्ति से मिले फल को भक्तों में प्रसाद स्वरूप में बांट देते हैं । गुरू कृपा से भक्त जनों के जीवन में आनंद ही आनंद बरसता है । श्रीमद्भागवत कलिकाल में भक्तों को भगवत कृपा प्राप्ति का सरल साधन है ।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण तृतीय दिवस मे पूज्य स्वामी नरसिंह पीठाधीश्वर स्वामी नरसिंह दास जी महाराज ने कहे ।श्रीमद्भागवत अर्थात वेद रूपी कल्पवृक्ष है परिपक्व फल है जिसमें केवल रस ही रस है इसमें छिलका गुठली कुछ भी नहीं है त्याज्य नहीं है सर्व ग्राहल है पिबत भागवतं रसमालयं इसे सदा सुनना चाहिए इसी से जीव का परम कल्याण और मुक्ति है !
आज श्रीमद्भागवत कथा पुराण में श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा ।
गीता धाम ग्वारीघाट में गुरु पूर्णिमा महोत्सव में श्रीमद्भागवत कथा में आज पधारे प्रयागराज पीठाधीश्वर जगद्गुरु घनश्यामाचार्य जी महाराज, स्वामी मुकुंद दास जी महाराज ने भी आशीर्वचन दिए ।
पूजन अर्चन आचार्य रामफल शास्त्री ने
यजमान
सुषमा गोपी ,वल्लभ अग्रवाल ,चंदाबाई ,
ताराचंद्र ,संध्या अग्रवाल
देवकी दुबे ,रामप्यारी दुबे ,
ओम प्रकाश, कलावती पांडे,
शकुंतला ,जुगल किशोर श्रीवास्तव, रामसेवक, मुन्नी बाई रामैत्री बाई,
सुधा ,अनिल कुमार उपाध्याय ,कृष्ण गोपाल मिश्रा,
सीतादेवी ,राजेंद्र मिश्रा, मीना त्रिपाठी,
उमा तिवारी ,सुधा यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही ।



