जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

सूत्री मांगों को लेकर विद्युत कंपनियों के कर्मियों की तीन दिवसीय हड़ताल

जबलपुर दर्पण। ज्वाइंट वेंचर के माध्यम से मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी लिमिटेड, टी.वी. सी.बी के माध्यम से मध्यप्रदेश ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड और इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल के माध्यम से वितरण कंपनियों का निजीकरण के विरोध सहित सात सूत्री मांगों को लेकर चलाये जा रहे चरणबद्ध आंदोलन की समीक्षा की गई आगामी तीन दिवसीय हड़ताल के लिए ऑनलाइन मीटिंग कर पूरे प्रदेश मैं रणनीति बनाने हेतु चर्चा की गई, इंजी विकास कुमार शुक्ला महासचिव द्वारा सर्वप्रथम 28 जून को किये एक दिवसीय कार्यबहिष्कार को सफल बनाने के लिए सभी कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं कर्मियों का आभार व्यक्त किया, एवं बताया कि पिछले आंदोलन के अनुभव अनुसार आगामी तीन दिवसीय कार्यबहिष्कार से पूर्व सृदृढ़ रणनीति बनानी होगी,सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विधुत कर्मियों को निजीकरण के दुषपरिणाम से अवगत करवाये, क्षेत्रीय सचिवों को प्रेरित किया कि अपने अपने क्षेत्र में जाकर अभियन्ताओं कर्मियों एवं जनता को बताए कि निजीकरण से प्रदेश में विधुत की कीमतों में वृद्धि होगी एवं मध्यप्रदेश शासन को सालाना 130 करोड़ के लगभग अतिरिक्त बोझ उठाना होगा,निजीकरण से औद्योगिक घरानों के अतिरिक्त किसी को लाभ नही होगा, क्षेत्रीय सचिव अपने अपने क्षेत्र में आम जनता से अपील जारी करें कि वे अभियन्ता संघ के आगामी तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार को समर्थन प्रदान करें
इंजी हितेश तिवारी अध्यक्ष अभियन्ता संघ द्वारा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अखिल भारतीय अभियन्ता संघ से लेकर प्रदेश स्तर के अभियन्ताओं द्वारा सभी तथ्यों का बारीकी से अध्ययन करने पर यह निष्कर्ष निकला है कि विद्युत विभाग में निजीकरण से प्रदेश की व्यवस्था चरमरा जाएगी, कर्मियों के हितों का हनन होगा एवं आम जनता के लिए आर्थिक रूप से घातक भी है, इसलिए अभियन्ता संघ का दायित्व है कि वह विधुत परिवार के हर कर्मी तक निजीकरण के दुष्परिणामो को पहुचाये ,ताकि हर विधुत कर्मी निजीकरण की लड़ाई में स्वतः शामिल होकर विरोध दर्ज कर सके।
महासचिव द्वारा बैठक में अन्य ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा कर विस्तार से बताया, यह भी बताया कि अखिल भारतीय विधुत अभियन्ता संघ द्वारा यह आस्वस्थ किया गया है कि पूरे देश के एक लाख विधुत अभियन्ता इस आंदोलन में मध्यप्रदेश के साथ है,
अंत मे संघ के सभी कार्यकारिणी द्वारा चर्चा उपरांत आंदोलन के दूसरे चरण तीन दिवसीय कार्यबहिष्कार 10 जुलाई 23 से 12 जुलाई 23 को हर स्तर पर सफल बनाने हेतु सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया |

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