बिलों में आपत्ती लगने से कर्मचारी हताष

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेष जागरूक अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संमन्वय समिति के जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि कर्मचारी कोषालय की तानाषाही एवं हटधर्मिता के चलते वेतन को छोड़ अन्य स्वात्वों के भुगतान हेतु प्रताड़ित रहते है। हमेषा कर्मचारियों को अपने ही स्वात्वों के भुगतान हेतु कार्यालय एवं कोषालय के चक्कर काटना पड़ता है और जब तक कर्मचारी चड़ौतरी नहीं चड़ाते तब तक उन्हे उनके ही स्वात्वों का भुगतान नहीं हो पाता ऐन केन प्रकारेण वेतन को छोड़ हर वित्तीय मामले में आपत्ती लगाई जाती है। यही वजह है कि बहुत ज्यादा जरूरत मंद कर्मचारी अपने ही स्वात्वों के भुगतान हेतु कोषालय मे चड़ौतरी चड़ाने हेतु मजबूर हो जाता है। यह कर्मचारियों का शोषण है इस पर रोक लगाई जानी चाहिए।
संघ ने आगे बताया कि कोषालय द्वारा अनावस्यक आपत्ती लगाने की वजह से बिचैलिये हरकत में आ जाते है और दलाली का काम सुचारूरूप से चलता है जिसका खामियाज़ा सिर्फ और सिर्फ कर्मचारियों को ही भुगतना होता है। विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को अपने ही जी.पी.एफ और एरियर्स की राषि एवं स्ेावानिवृत्त कर्मचारियो को अपने सभी स्वात्वों के भुगतान हेतु वरिष्ठ कार्यालयों और कोषालय के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ता है ऐसे में कोषालय संबधित कर्मचारी के विभाग की गलती और विभाग कोषालय की गलती बताकर कर्मचारियों को गुमराह करते है फल स्वरूप जब कर्मचारी चड़ौतरी चड़ाता है याने जब गुप्त रूप से लेन देन होता है तब कर्मचारियों को उनके ही अधिकार का उनका अपना पैसा उन्हे मिल पाता है।
संघ के जिलाध्यक्ष-राॅबर्ट मार्टिन, राकेष श्रीवास, दिनेष गौंड़, गुडविन चाल्र्स, सुनील झारिया, उमेष ठाकुर, धनराज पिल्ले, एनोस विक्टर, क्रिस्टोफर नरोन्हा, राजकुमार यादव, एस.बी.रजक, हेमत ठाकरे सुधीर पावेल, रवि जैन, मानसिंह आर्मो, चैतन्य कुषरे, गोपीषाह, रविषंकर केवट, ओम प्रकाष ठाकुर, अनूप सिन्हा, मनीष नाम देव, विजय मरावी, इंद्रजीत सिंह, राम कृष्ण विष्वकर्मा, लक्ष्मण दास शर्मा, धमेन्द्र गुप्ता, ब्रजेष पटेल, राम राज पटेल, , अनूप डाहट, अषोक परस्ते, मनीष झारिया, आदि ने कलेक्टर महोदय् से मांग की है कि अनावस्यक लगाई जा रही आपत्तियों पर अंकुष लगाया जाए एवं दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए।



