सत्ता सरकार के नशे में चूर भाजपाई अत्त मूतने के बाद आदिवासी युवक पर पेशाब करना शर्मनाक ही नहीं निर्दनीय : कांग्रेस

जबलपुर दर्पण । मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष (ओबीसी विभाग) टीकाराम कोष्टा ने कहा कि सीधी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत भाजपा विधायक के तथाकथित प्रतिनिधि द्वारा सरकार के नशे में चूर आदिवासी युवक पर पेशाब करना शर्मनाक ही नहीं निदनीय है।और भाजपा द्वारा वही शर्मनाक तरीके से पुराना राग अलापना ये भा जा पा से संबंधित नहीं घिनोनी घटना से मानवता शर्मसार हुई है संस्कारों की कथित दुहाई देने वाली भाजपा और उसके नेता द्वारा किये गये इस अमानवीय कृत्य की जितनी भी निन्दा की जाए, वह कम है। यह घटना मप्र ही नहीं पूरे देश के आदिवासी वर्ग का । इस कृत्य से देश-प्रदेश की छवि को आघात पहुचा है।
आदिवासी पीड़ित युवक उसी आदिवासी समुदाय से भाजपा का आदिवासियों के प्रति प्रेम का यह असली चेहरा उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि यह घटना आदिवासी महिला को राष्ट्रपति बनाने का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा सरकार के राज में सत्ता पक्ष की असंवेदनशीलता और आदिवासी विरोधी मानसिकता को क़ानून-व्यवस्था की असलियत को भी उजागर कर दिया है। शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा इस कृत्य पर महज कार्रवाई करने की बात कहना पर्याप्त नहीं है। ये मामला आदिवासी उत्पीड़न का है। अमानुषिक कृत्य है। एक गैरजमानती अपराध है। ऐसे में प्रवेश शुक्ला के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कड़ी ऐसे कर दंडित किया जाना चाहिए।



