वेरीफाइड एरिया एजुकेशन ऑफीसरों की नियुक्ति यथाशीघ्र करने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

जबलपुर दर्पण। राज्य शासन द्वारा शालाओं में शालेय एवं शैक्षिक व्यवस्थाओं के सुचारू रूप से संचालन और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से नवीन संवर्ग राज्य शिक्षा सेवा का गठन किया गया था, जिसे 01 जुलाई 2018 से लागू किया गया। इस नवीन संवर्ग में 35 से 40 शालाओं में विभागीय परीक्षा के माध्यम से एक एरिया एजुकेशन आफीसर (एईओ) की नियुक्ति का प्रावधान था।
राज्य शासन ने पहले लाखों रुपये खर्च कर एरिया एजुकेशन आफीसर की ऑनलाइन विभागीय परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें उत्तीर्ण शिक्षकों का वेरीफिकेशन भी दो बार कराया गया। इसके बाद उच्च न्यायालय जबलपुर ने 100 से अधिक याचिकाओं का निराकरण करते हुए शासन को वेरीफाइड एईओ की नियुक्ति यथाशीघ्र करने का आदेश दिया था। माननीय उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने भी इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
अनेक वर्षों से वेरीफाइड एईओ अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। इस सिलसिले में आज वेरीफाइड एईओ मंच जबलपुर, मध्यप्रदेश के बैनर तले प्रांतीय शिक्षक संघ, पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण संघ, नेशनल मूवमेंट फार ओल्ड पेंशन स्कीम मध्यप्रदेश एवं अज्जाक्स संघ के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन को मुख्यमंत्री एवं स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर जबलपुर द्वारा अधिकृत डिप्टी कलेक्टर शिवांगी जोशी को सौंपा गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि वेरीफाइड एईओ की नियुक्ति यथाशीघ्र की जाए, ताकि नियुक्ति के लंबे इंतजार के बाद इन शिक्षकों को उनके अधिकार मिल सकें। ज्ञापन सौंपने वालों में अजय रजक, मनोज पांडे, संतोष कुमार झारिया, प्रकाश चंदेल, संदीप श्रीवास्तव, नरेंद्र सिंह यादव, रीना गोंटिया, श्वेता श्रीवास्तव, रश्मि यादव, के.एल.कोरी, श्यामसुंदर पटेल, आशीष गजभिये, संतोष ठाकुर, कल्पना यादव, और रश्मि यादव सहित अन्य लोग शामिल थे।



