नर्मदा से जल भर कर भक्तों ने किया जलाभिषेक, कावड़ियों का हुआ जगह-जगह स्वागत

ऐतिहासिक ऋणमुक्तेश्वर शिव मंदिर कुकर्रामठ में पहुंचे हजारों श्रद्धालु।
नंदकिशोर ठाकुर, डिंडोरी ब्यूरो। श्रावण मास का कल तीसरा सोमवार को जिले भर के शिवालयों में भक्तों की भीड़ देखी गई, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नर्मदा से जल भर कर विधि विधान से पूजा पाठ करते हुए शिवालयों में जाकर जल अभिषेक किया गया। जिले के ऐतिहासिक ऋणमुक्तेश्वर मंदिर कुकर्रामठ मैं स्थित शिव मंदिर में सुबह से शाम दिन भर भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। मंदिर पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु ने विधि विधान से पूजा पाठ कर शिवालय में दूध, बेलपत्र, फूल,धतूरा, भांग,शहद,घी आदि अर्पित कर सुख समृद्धि के लिए भगवान से कामना की गई।गौरतलब है कि लगभग दो वर्षों के बाद ऐतिहासिक ऋणमुक्तेश्वर मंदिर का ताला खोला गया है,कोविड-19 की सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर का मुख्य दरवाजा पिछले 2 वर्षों से बंद था। लेकिन अब मंदिर का ताला खुल जाने से एतिहासिक ऋणमुक्तेश्वर मंदिर में लोगों की भीड़ बड़ी संख्या में दिखाई दे रही है। जिलेभर से श्रद्धालुओं की कावड़ यात्रा ऋणमुक्तेश्वर मंदिर पहुंच रही है,जहां गांव के युवाओं द्वारा मंदिर पहुंचे कावड़ियों को प्रसाद का वितरण किया जा रहा है।
सावन महीने में कावड़ यात्रा का धार्मिक ग्रंथों में विशेष महत्त्व-सावन माह में शिव जी में जलाभिषेक करने का हमारे धार्मिक ग्रंथों में विशेष महत्त्व बताया गया है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार नर्मदा जल से कावड़ यात्रा करते हुए पैदल यात्रा कर शिवजी में जलाभिषेक कर विधि विधान से पूजा पाठ करने से व्यक्ति की मनोकामना पूरी होती है। धार्मिक ग्रंथों को मानकर व्यक्ति अपनी-अपनी मनोकामनाओं को लेकर सावन महीने के सोमवार को कावड़ यात्रा निकाल कर शिवजी में जलाभिषेक करते हैं और मनोकामना पूर्ण होने की भगवान भोलेनाथ से कामना की जाती है। इसी तरह जिला मुख्यालय के नर्मदा तट पर बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ देखी गई। शाहपुरा, समनापुर, बजाग, करंजिया, मेहंदवानी सहित ग्रामीण अंचलों में के शिवालयों में भक्तों की भीड़ दिनभर नजर आई। दूर दराज से पहुंचे भक्तों के द्वारा विधि विधान से पूजा पाठ करते हुए मनोकामना पूर्ण होने के लिए प्रार्थना की गई। सोमवार को सुबह से ही मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा, हल्की हल्की बारिश भी कांवड़ियों का हौसला कम नहीं कर पाया, रिमझिम बारिश के बीच हजारों कांवड़ियों ने शिवालयों में पहुंचकर जलाभिषेक करते हुए नजर आए।



