प्रायवेट कंपनियों के द्वारा आउटसोर्स कम्प्यूटर ऑपरेटरों का किया जा रहा शोषण
जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेष जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के प्रांताध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि षिक्षा विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कम्प्यूटर आॅपरेटरों का प्रायवेट कंपनियों के द्वारा जमकर शोषण किया जा रहा है क्योंकि ये कम्प्यूटर आॅपरेटर न्यूनतम वेतन में या यूं कहे कि न्यूनतम मानदेय पर कार्य करने मजबूर है बावजूद इसके उन्हे न तो मानदेय समय पर मिल पाता है और न ही उन्हे शासन-प्रषासन की योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है जिससे ये आउटसोर्स कम्प्यूटर आॅपरेटरों में रोष व्याप्त है।
संघ ने आगे बताया कि एक तरफ माननीय मुख्य मंत्री महोद्य के द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकरताओं की वेतन वृद्धि की गयी वहीं रोजगार सहायकों को लाभ दिया जा रहा है और लाड़ली बहना योजना का लाभ प्रदेष की बहनों को दिया जा रहा है इसी प्रकार इन कम्प्यूटर ऑपरेटरों को भी शासन की योजना के अन्तर्गत नियमित किया जाना चाहिए और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ देते हुए इन्हे समय पर वेतन दिया जाना चाहिए और इनका शोषण बंद कर प्रायवेट कंपनियों से वेतन देने का अधिकार समाप्त कर शासन की योजना के अन्तर्गत दिया जाना चाहिए।
संघ के जिलाध्यक्ष-राॅबर्ट मार्टिन, हेमन्त ठाकरे, दिनेष गौंड़, राकेष श्रीवास, एनोस विक्टर, गुडविन चाल्र्स, भास्कर गुप्ता, सुधीर अवधिया, मनीष मिश्रा, धनराज पिल्ले, राजकुमार यादव, फिलिप अन्थोनी, सुधीर पावेल, विनोद सिंह, उमेष सिंह ठाकुर, सुनील झारिया, क्रिस्टोफर नरोन्हा, राजेन्द्र सिंह, रामदयाल उईके, अफरोज खान, देवेन्द्र पटेल, रऊफ खान, मनीष झारिया, गोपीषाह, रवि जैन, नेत राम, नीरज मरावी, वीरेन्द्र श्रीवास, विजय झारिया, सुनील स्टीफन, विनय रामजे, प्रदीप पटेल, रामकुमार कतिया, सरीफ अहमद अंसारी, आषीष कोरी, मनीष मिश्रा, संतोष चैरसिया, एस.बी.रजक, सुखराम विष्वकर्मा आदि ने माननीय मुख्य मंत्री महोद्य से मांग की है कि आउट सोर्स कम्प्यूटरऑपरेटरों को विभिन्न शासन की योजनाओं का लाभ दिया जाए एवं उन्हे नियमित किया जाए।



