लिपिकीय कार्य के लिए कार्यालयों मे पदस्थ गैर लिपिकीय अमला तत्काल दिया जाए लिपिकीय वेतन
जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी सयुक्त समनव्य समिति के प्रांताध्यक्ष रॉबर्ट मॉर्टिन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि अफसरों की लालफिता शाही एवं स्थानांतरण व्यवसाय के चलते चाहे तकनीकी शिक्षा विभाग हो शिक्षा विभाग हो अथवा अन्य मे लिपिकीय कार्य अन्य कैडर के लोग कर रहे हैं. जिससे अन्य केडर के कार्य तो प्रभावित हो ही रहे हैं साथ ही लिपिको की छबि धूमिल हो रही है. गैर लिपिकीय कर्मचारी आये दिन कई प्रकार की अनिमितताएं चाहे वित्तीय हो या अन्य कर रहे हैं. अधिकारियों की मिली भगत होने के कारण एक ओर शासन को धोखे मे रख कर लिपिकीय पदों को भरा नहीं जा रहा येन-केने प्रकारेन दूसरे केडर के कर्मचारियों से लिपिकीय कार्य कराये जाने की जुगत मे लगे रहते हैं.इसके लिए संलग्नीकरन कर अथवा पद सृजित कर अन्य उच्च वेतन मान वाले कर्मचारियो से 1900 ग्रेड पे वाला लिपिकीय कार्य कराया जा रहा है, जो की उनके लिए भी शर्म की बात है. कुछ जगह तो इन सबसे निजाद पाने स्थानांतरण व्यवसाय के चलते कार्यालयों मे लिपिकीय कार्य के लिए गैर लिपिकीय पद जैसे शिक्षक, प्रशिक्षण अनुदेशक / अधिकारी के उच्च वेतनमान वाले पद तक लिपिक/ कंप्यूटर ओपरेटर के कार्य हेतु सृजित कर स्थानांतरण किये जा रहे. इससे शासन को हानि हो रही है।
मान मुख्यमंत्री महोदय जी से निवेदन है कि तत्काल ऐसे कर्मचारियो को मूल पद मे कार्य कराये जाने अथवा वापसी हेतु आदेश जारी करें एवं रिक्त लिपिकीय पदों को भरने की शीघ्र कार्यवाही की जाए प्रांताध्यक्ष -रॉबर्ट मार्टिन, दिनेश कुमार, राजकुमार यादव, हेमंत ठाकरे, राकेश श्रीवास, योगेश ठाकरे, वीरेंद्र श्रीवास्, संतोष चौरसिया, धर्मेंद्र परिहार,विश्वनाथ सिंह,आकाश भील, राशिद अली, त्रिलोक सिंह, समर सिंह, सुधीर गौर, आर.पी.खनाल, प्रदीप पटेल, योगेश ठाकरे, वीरेंद्र श्रीवास, धनराज पिल्लै, गुडविन चार्ल्स, गोपी शाह, उमेश ठाकुर,आशीष कोरी,सतीश दुबे,आसाराम झारिया,भास्कर गुप्ता,संदीप परिहार,अजब सिंह,रामकुमार कतिया आदि ने मुख्यमंत्री महोदय से मांग की है।



