बारिश से बुरा हाल कहीं खिसक रहे पहाड़ तो कहीं बाढ़ के हालात

नई दिल्ली। उत्तर भारत के कई राज्य भारी बारिश के कहर से जूझ रहे हैं। कई जगह हादसों में लोगों ने जान गंवाई है। जन-जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जहां दिल्ली में 41 साल बाद इतनी बारिश दर्ज की गई, वहीं गुड़गांव में 43 साल का रेकॉर्ड टूट गया। पहाड़ों में खासकर हिमाचल में ब्यास समेत कई नदियां उफान पर हैं। दिल्ली में यमुना धीरे-धीरे खतरे के निशान के करीब पहुंच रही है। दिल्ली-एनसीआर समेत ज्यादातर शहरों और कस्बों में नालों के उफनाने और सड़कों के दरिया बनने से ट्रैफिक जाम ने लोगों को हलाकान किया। अंडरपास और सड़कों पर डूबती गाड़ियों और चलती नावों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। दिल्ली सरकार ने रविवार को सभी अफसरों की छुट्टियां रद्द कर उन्हें ग्राउंड पर उतरने को कहा। मंत्री, विधायक और पार्षद भी लोगों की परेशानियां दूर करने आगे आए।
उत्तराखंड में भारी बारिश के दौरान रविवार को भूस्खलन के कारण वाहन दुर्घटना और मकान गिरने की घटनाओं में आठ लोगों की मौत हो गई तथा छह अन्य घायल हो गए। खराब मौसम के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासन को चौकस रहने के निर्देश देते हुए लोगों को अनावश्यक आवागमन से बचने को कहा है। कई स्थानों पर भूस्खलन होने से मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे आम जन-जीवन के प्रभावित होने के साथ ही चारधाम यात्रा में भी रुकावट आ रही है। लगातार बारिश के कारण गंगा सहित प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है।



