नई दिल्ली

​कोटा में ‘कृति लोकार्पण एवं राष्ट्रीय बाल साहित्यकार सम्मान समारोह 2025’ संपन्न

कोटा जबलपुर दर्पण । बाल साहित्य के गंभीर और महत्वपूर्ण विषयों पर विमर्श हेतु कोटा के ब्लू सफायर होटल में ‘कृति लोकार्पण एवं राष्ट्रीय बाल साहित्यकार सम्मान समारोह 2025’ का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी आयोजन के दो चरण थे, जिसमें साहित्य की चुनौतियों और विकास पर गहन चर्चा हुई, तथा राजस्थान के 30 से अधिक बाल साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।

​प्रथम चरण: सम्मान समारोह
​समारोह की अध्यक्षता डॉ. दिविक रमेश (नोएडा) ने की और मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. विकास दवे (भोपाल) उपस्थित रहे। इस चरण में विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रभात सिंघल और श्रीमती रेखा पंचोली थीं। स्वागत वक्तव्य श्रीमती श्वेता शर्मा ने दिया, और व्यक्तिगत परिचय डॉ. वैदेही गौतम द्वारा कराया गया।

​समारोह के संरक्षक श्री जितेंद्र निर्मोही (कोटा) थे। इस चरण में पूरे राजस्थान से आए 30 से अधिक बाल साहित्यकारों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जिससे बाल साहित्य के प्रति गंभीर विमर्श को बल मिला।

​द्वितीय चरण: कृति लोकार्पण एवं विशिष्ट सम्मान
​यह चरण विशेष रूप से साहित्यकार डॉ. युगल सिंह की महत्वपूर्ण कृति “हाड़ौती अंचल का बाल साहित्य: उद्भव एवं विकास” के लोकार्पण पर केंद्रित था। इस चरण में गंभीर साहित्यिक विमर्श हुआ, जिसमें बाल साहित्य के भविष्य पर चिंता और समाधान दोनों पर चर्चा की गई।

​अध्यक्ष: डॉ. दिविक रमेश (नोएडा), ख्यातनाम बाल साहित्यकार।

​मुख्य अतिथि: डॉ. विकास दवे (भोपाल), निदेशक साहित्य एवं संस्कृति अकादमी।

​संरक्षक: श्री जितेंद्र निर्मोही (कोटा), ख्यातनाम साहित्यकार।

​मुख्य वक्ता: श्री जय सिंह आशावत (नैनवां, बूँदी), ख्यातनाम साहित्यकार।

​विशिष्ट अतिथि:

​श्री बलदाऊ राम साहू (दुर्ग), सदस्य, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग एवं राजभाषा सलाहकार मंत्रालय, भारत सरकार।

​श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय (रतनगढ़, नीमच, म.प्र.), ख्यातनाम बाल साहित्यकार।

​इस द्वितीय चरण में, श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ (रतनगढ़, नीमच, म.प्र.) को हाड़ौती अंचल के बाल साहित्य में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘अति विशिष्ट सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

​कृति परिचय मेजर रिद्धिमा द्वारा प्रस्तुत किया गया, और संपूर्ण लोकार्पण समारोह का संचालन वरिष्ठ उद्घोषक एवं नामवर साहित्यकार श्री रामानारायण मीणा “हलधर” ने किया।

​यह समारोह बाल साहित्य की गुणवत्ता और विस्तार पर विचार करने तथा युवा साहित्यकारों को प्रेरित करने के उद्देश्य से एक गंभीर प्रयास रहा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88