अनुकंपा नियुक्ति पर कार्यरत लिपिकों को सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करने की बाध्यता समाप्त की जाए

जबलपुर दर्पण । मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रॉबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि शासन द्वारा अनुकंपा नियुक्ति पर कार्यरत लिपिकीय कर्मचारियों को सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करने की बाध्यता को समाप्त करते हुए यदि वे सीपीसीटी परीक्षा पास न कर पाए तो उन्हें हटाए जाने की प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए उन्हें पर्याप्त समय और अवसर दिए जाने चाहिए अनुकम्पा नियुक्ति पर नियुक्त लिपिकीय कर्मचारियों को कम से कम 3-5 वर्ष का समय सीपीसीटी उत्तीर्ण करने के लिए मिलना चाहिए, ताकि वे नौकरी के साथ साथ परीक्षा की तैयारी कर सकें। यदि निर्धारित अवधि में सीपीसीटी उत्तीर्ण नहीं कर पाते तो पुनः अतिरिक्त प्रयास के लिए अवसर मिलना चाहिए तथा नौकरी से निकालने के बजाय पदावनत का विकल्प अथवा अस्थायी रूप से कम वेतनमान या अन्य निम्न पदों पर पदावनत किया जाने का विकल्प होना चाहिए । अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य दिवंगत कर्मचारी के परिवार की आर्थिक मदद करते हुए उस परिवार को संभलने का मौका देना है इसलिए परीक्षा में असफल होने पर नौकरी से हटाने का आधार सही नही है।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय से निवेदन है कि अनुकंपा नियुक्ति में पदस्थ कर्मचारियों लिपिकों को नौकरी से हटाए जाने संबंधित आदेश को निरस्त करते हुए उन्हे पुनः अधिक अवसर प्रदान करते हुए सीपीसीटी उत्तीर्ण नहीं करने की दशा में पदावनत किए जाने संबंधी व्यवस्था किए जाने के आदेश जारी किए जाए ।
संघ के प्रांताध्यक्ष – रॉबर्ट मार्टिन, राकेश श्रीवास, मीनूकांत शर्मा, हेमन्त ठाकरे, राजेश सहारिया, रऊफ खान, राजकुमार यादव, गुडविन चार्ल्स, फिलिप एंथोनी, सुधीर अवधिया, एनोस विक्टर, दीपेश जैन, मनमोहन चौधरी, सुनील झारिया, उमेष सिंह ठाकुर, गोपीषाह, आर.पी.खनाल, निलेष खरे, अषोक परस्ते, सुधीर पावेल, विनोद सिंह, चैतन्य कुषरे, डी.आर.बेलवंषी, महेन्द्र प्रधान, एस.बी.रजक, संतोष चैरसिया, देवेन्द्र पटेल, रमाकांत चैकसे, मनोज साहू, वसुमुद्दीन, त्रिलोक सिंह, समर सिंह ठाकुर, आषीष कोरी आदि ने मुख्यमंत्री महोदय से मांग की है l
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