मण्डला वरदान आश्रम में 17वां दिनः कोरोना संक्रमण रोकने के लिए महामृत्युंजय जप के साथ रोज हो रहा हवन यज्ञ

वरदान आश्रम में 17वां दिनः कोरोना संक्रमण रोकने के लिए महामृत्युंजय जप के साथ हो रहा यज्ञ हवन

मण्डला/अंजनिया। वैश्विक महामारी के समनार्थ वरदान आश्रम अंजनिया में चल रहे महामृत्युंजय जप यज्ञ हवन विगत दिनों से चल रहा हैं। संत नीलू महाराज ने बताया कि यज्ञ एवं जप कोरोना जैसी महामारी को दूर भगाने के लिए किया जा रहा है। जिसका शनिवार को 17 वां यज्ञ जाप किया गया। उन्होंने कहा कि प्रकृति रात दिन यज्ञ करती है। यदि एक प्रकार से वर्षा रुपी जल धरती पर ना गिरे तो अन्न नहीं होगा। भोजन करना भी यज्ञ है। संतान उत्पन्न करना भी यज्ञ है। अग्नि परिवर्तन करती है। अग्नि में जो हव्य पदार्थ डाले जाते हैं। घी, तिल, जौ, चावल, अगर,तगर, शतावर, नागरमोथा, भोजपत्र कमलगट्टा गुड आदि सभी को अग्नि परिवर्तित कर प्रकृति में देती है। गाय का एक तोला घी जब गोबर के कंडे की आग में या आम की लकड़ी के हवन में डाली जाती है तो 1000 टन आक्सीजनगैस निकलती है जो प्राण वायु है। हवन करने से एक गैस बनती है जिसे फार्मिक एल्डीहाइड कहते हैं यह प्रबल एन्टीबैक्टीरियल होती है। फ्रांस के एक वैज्ञानिक ट्रेले ने इसकी खोज की थी। हवन एंटी वाइरस भी होता है। वर्तमान समय में इसकी बहुत ज्यादा आवश्यकता है। अत: एक प्रयास है मानव मात्र को बचाने का। प्रयास करना हमारा काम है सफलता देना परमात्मा का यह सेतुबंध में भले ही एक गिलहरी सा प्रयास भले ही हो पर प्रयत्न पूरी निष्ठा और नि: स्वार्थ भाव से किया जा रहा है।



