खास खबरदमोह दर्पणमध्य प्रदेश

बढ़ते तापमान में बड़ी देशी फ्रिज की मांग….

जगह जगह सज गई दुकानें…

हटा। अप्रैल शुरू हुआ तो मौसम में तीखापन बढ़ गया। गला सूखने लगा तो पानी की दरकार भी महसूस होने लगी। इसी बीच पानी ठंडा हो तो क्या कहने लेकिन गरीबों के लिए ठंडा पानी और फ्रिज दोनो अलग-अलग है। ऐसे में गरीबों का गला तर करने के लिए मटका ही सहारा है। बाजार में देशी फ्रिज बिकने के लिए उतर गया है और हर दिन इसकी बिक्री में इजाफा हो रहा है। तापमान 36 डिग्री के पार और हवा का रुख तीखा हो गया है, ऐसे में कंठ सूखना लाजिमी है। जिसमे जरूरत होती है तो सिर्फ पानी की। ठंडा पानी हलक से लेकर भीतर तक राहत देता है, मगर गरीबों के पास फ्रिज की व्यवस्था कहां है। मिट्टी से बने मटके से गरीबों का गला तर हो जाता है। इस समय देशी फ्रिज यानि मिट्टी से पका हुआ मटका लोगो को खुब भाने लगा है। इसे लोग देशी फ्रिज का नाम देते है। मटके की दुकाने भी नगर में कई जगह लगी हुई है, दमोह पन्ना फोरलेन केे किनारे सजी मटको की दुकान में लोग मटका खरीद रहे है। इस संबंध में सुमित साहू, सौरभ साहू, हेमन्त पटेल, शुभम रजक, अमित साहू, राहुल साहू, कमल पटेल, हरीश, राजेश साहू ने बताया कि गर्मी के दिनो में मटके के पानी से ही प्यास बुझती है जबकि फ्रिज का पानी सेहत के लिये काफी नुकसानदेय साबित होता है। अनुराग सोनी और नसीम सामी ने बताया कि गर्मी का सीजन प्रारंभ हो गया है। ऐसे में मटके की जरूरत होने लगी है क्योकि ठण्डे पानी की प्रतिपूर्ति मटके से ही सही तरह से हो पाती है। इस संबंध में मटका विक्रेता ने बताया कि बीते साल कोरोना के चलते लॉकडाउन लगा हुआ था। जिस कारण मटके की दुकानें नहीं लग सकी। जिससे हमें भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इस वर्ष बीते मार्च माह से ही बिक्री शुरू हुई है। गिरधारी पटैल जगदीश शर्मा बुजुर्ग बताते है कि मिट्टी का यह गुण होता है कि हवा और नमी पाकर वह ठंडक उत्पन्न करती है इसलिये पूर्ण प्राकृतिक होने के साथ साथ मटके का पानी मीठेपन का स्वाद देता है। नगर में पूर्व में इस व्यवसाय को करने वाले अधिक थी लेकिन अब कुछ ही परिवार इस पुश्तैनी व्यवसाय में लगे हुए है। पिछले कुछ समय से नगर में कटनी, छतरपुर सागर आदि जिलो से भी मटको की बडी खेपे आती रही हैं। सुनील कुम्हार कमल कुम्हार ने बताया कि बीते वर्ष से इस वर्ष मटको के रेट में ज्यादा वृद्धि होने से भी इस बार व्यापार अच्छा होने की उम्मीद है, नगर मे एक मटका साठ से सत्तर रूपये मे बिक रहा है।

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