जबलपुर लॉ स्टूडेंट एसोसिशन ने सुपर एटीकेटी की मांग को लेकर किया धरना प्रदर्शन

जबलपुर दर्पण। अध्यक्ष अंकुश चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया की एलएलबी पाठ्यक्रम में सुपर एटीकेटी न होने के कारण एक विषय में दुबारा फेल होने पर छात्रों के दो साल बैक कर दिया जाता है , छात्र अगले ईयर का एग्जाम भी दे देता है , लेकिन उसको अपात्र घोषित कर दिया जाता है , जिसका रिजल्ट भीं ओपन नही किया जाता है एवं अग्रिम परीक्षा से वंचित किया जा रहा है , जिसके कारण उसकी पूरी महाविद्यालय की फीस एवं यूनिवर्सिटी की फीस उसका समय, पढ़ाई, धन सब कुछ व्यर्थ चला जाता है , शायद ये देश की एक मात्र यूनिवर्सिटी है जो ऐसे नियम बनाई है एलएलबी पाठ्यक्रम में जहा छात्र फाइनल सेमेस्टर में एग्जाम देने वाला होता है लेकिन थर्ड सेमेस्टर में मात्र एक विषय में एटीकेटी में फेल होने पर उसको थर्ड सेमेस्टर में वापस भेज दिया जाता एवं पूरा सेमेस्टर बैक कर दिया जाता है , जब आपके नियम में सुपर एटीकेटी नही है तो उसको फाइनल सेमेस्टर तक क्यों ले गए , और ये कहा का नियम है की परीक्षा लेने के बाद उसको अपात्र घोषित कर दिया जाए । तीन वर्ष का एलएलबी पाठ्यक्रम को पांच वर्ष में ही कंपलीट करना होता है , विश्विद्यालय की सिर्फ लापरवाही के कारण छात्रों का भविष्य खराब हो रहा है , जब सेमेस्टर प्रणाली बनाई गई है , की एक साल में दोनो सेमेस्टर करवाना है और रिजल्ट घोषित करना होता है , पर इस यूनिवर्सिटी की लापरवाही ऐसी है की एटीकेटी के एग्जाम लेट करवाते है , और रिजल्ट लेट घोषित करते है एवं पूर्व के साल के दोनो सेमेस्टर कंप्लीट किए बिना ही अगले साल के सेमेस्टर की परिक्षा ले लेते है , लेकिन यादि पूर्व में आईं एटीकेटी में छात्र फेल हो जाता है तो उसका पूरा सेमेस्टर बैक कर देते है एवं जो अगले साल वाले सेमेस्टर की परिक्षा छात्र देता है उसका रिजल्ट ओपन किए बिना उस परीक्षा को रद्द कर दिया जाता है , ये सिस्टम पूरे मध्य प्रदेश एवं अन्य राज्यों में कही नही हैं, की परीक्षा देने के बाद परीक्षा का रिजल्ट घोषित किए बिना रद्द कर दिया जाए । ये यूनिवर्सिटी की नाकामी एवं लापरवाही का सबसे बड़ा नमूना है , जिसको बदलना बहुत जरूरी है नही तो हजारों छात्रों का भविष्य खराब हो जाएगा ।
जिसमे हमारे एसोसिशन ने मांग की है , जिन जिन छात्र का रिजल्ट रोका गया है उसको ओपन करा जाए और उनको अग्रिम परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए , उन्हें अग्रिम परीक्षा से वंचित न किया जाए और एटीकेटी में फेल हुए छात्र को एक मौका जल्द ही दिया जाए । जिससे छात्र का भविष्य सुरक्षित हो सके । जिसमे आज अंकुश चौधरी, राहुल अगरिया, शुभाशु सिंह , मोहित प्यासी , रोहित कुरील, हर्ष प्रताप सिंह , आनंद सिंह , आकाश तिवारी, वर्धमान सिंह , बलराम पांडे ,आकाश सोनकर , शैलेंद्र विश्वकर्मा , पुष्पा कोल, मधु विश्वकर्मा , प्रतीक कोरी, सनी , पसरिया , अरविंद सेन , योगेंद्र सिंह , रोहित गुप्ता , ग्रीस मराठा, अमन खान , सौरभ सोनकर, पीयूष देवेदी, प्रमोद प्रजापति, शुभम प्रजापति, अभिषेक चंदेल , दिनेश चक्रवर्ती , शिवम मिश्रा , सौरभ चक्रवर्ती, महेश बल्लवी, निखिल पटेल, ब्रजेश अहिरवार, शक्ति कश्यप , राजेश खत्री , जय देअरिया, अखिलेश जैसवाल , ऋषि दुबे, रोहित त्रिपाठी, उमाशंकर अहिरवार, सुनील चौधरी के साथ सैकड़ो छात्र उपस्थित रहे ।



