पीएम पोषन एप एवं लिंक के जटिल प्रोसेस का किया जाए सरलीकरण

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेष जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के प्रांताध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि सभी शासकीय स्कूलों के द्वारा प्रतिदिन एम.डी.एम मैसेज मोबाईल के माध्यम से भेजा जा रहा है परंतु देखा जा रहा है कि षिक्षकों के मोबाईल से तो मैसेज सेंड हो जाता है परंतु पीएम पोषन एप मध्य प्रदेष पर भेजे गए मैसेज पहंुच नहीं पा रहे जिससे पीएम पोषन एप की रिपोर्ट शून्य दिखाई देती है। जिसमें षिक्षकों की कोई गलती नही है इसमे एप की टेक्निकल प्राॅबलम की वजह से हो रहा है। वहीं प्रतिदिन प्रत्येक शाला से दो षिक्षक मोबाईल के माध्यम से अपनी जानकारी भेज रहे हैं परंतु जब पोर्टल में पीएम पोषन एप पर रिपोर्ट शून्य दिख रही है तो उसे बी.आर.सी कार्यालय द्वारा एप की टेक्निकल समस्या का समाधान किया जाना चाहिए। जिससे षिक्षकों का समय बी.आर.सी कार्यालय आने जाने मे बरवाद न हो। वही बी.आर.सी कार्यालय द्वारा इसका सरलीकरण करने हेतु एक नंबर जारी किया जाए जिसके माध्यम से टेक्सट मेसेज भेजा जा सके तब षिक्षकों को लम्बी प्रक्रिया से गुजरना नहीं पड़ेगा और जानकारी भेजना आसान हो जाएगा।
संघ ने आगे बताया कि यदि कोई टेक्निकल समस्या आती है तो उसका समाधान करना बी.आर.सी कार्यालय में कार्यरत कम्प्यूटर आपरेटरों का है परंतु देखा जा रहा है कि ये कम्प्यूटर आपरेटर षिक्षकों की समस्याओं का समाधान करने की बजाए उनसे सीधे मूंह बात नहीं करते बल्कि षिक्षकों पर अपनी धोंस जमाते है जिससे षिक्षकों में रोष व्याप्त है। जहां एम.डी.एम एप सही तरीके से काम नहीं कर रहा या मैसेज भेजने में षिक्षकों से यदि किसी प्रकार की गलती हो रही है तो बी.आर.सी कार्यालय द्वारा षिविर लगाकर इस समस्या का समाधान करना चाहिए। वहीं जन षिक्षकों द्वारा हर स्कूलों में पहुंचकर षिक्षकों को मोबाईल पर एम.डी.एम मैसेज को पीएम पोषन एप पर किस तरह से भेजा जाए कि रिपोर्ट एप पर सही दिखे यह खुद करके बताना चाहिए। न कि षिक्षकों पर दूरभाष के माध्यम से या फिर वाहटसएप के माध्यम से धमकाना या उन्हे मान्सिक प्रताड़ित करना चाहिए। देखा जा रहा है कि बी.आर.सी कार्यालय के द्वारा समस्या का पूंर्ण समाधान नहीं किया जा रहा बल्कि षिक्षकों को डराया, धमकाया जा रहा है जो अनुचित है।
संघ के जिलाध्यक्ष-राॅबर्ट मार्टिन, जियाउर्रहीम, हेमन्त ठाकरे, दिनेष गौंड़, राकेष श्रीवास, धनराज पिल्ले, गुडविन चाल्र्स, रऊफ खान, एनोस विक्टर, राजेष सहारिया, गोपीषाह, रामकुमार कतिया, विजय झारिया, भास्कर गुप्ता, सुधीर अवधिया, मनीष मिश्रा, राजकुमार यादव, फिलिप अन्थोनी, सुधीर पावेल, विनोद सिंह, उमेष सिंह ठाकुर, सुनील झारिया, क्रिस्टोफर नरोन्हा, राजेन्द्र सिंह, रामदयाल उईके, अफरोज खान, देवेन्द्र पटेल, रऊफ खान, मनीष झारिया, रवि जैन, नेत राम, नीरज मरावी, वीरेन्द्र श्रीवास, सुनील स्टीफन, विनय रामजे, प्रदीप पटेल, रामकुमार कतिया, सरीफ अहमद अंसारी, आषीष कोरी, मनीष मिश्रा, संतोष चैरसिया, एस.बी.रजक, सुखराम विष्वकर्मा आदि ने सी.ओ जिला पंचायत महोद्य से मांग की है कि बी.आर.सी कार्यालय को सख्त हिदायत दी जाए कि एप में आ रही टेक्निकल समस्या का समाधान अतिषीघ्र षिविर लगा कर किया जाए।



