मध्य भारत में पहली नॉन इनवेसिव एंजियोग्राफी की सुविधा अब नगर में

जबलपुर दर्पण। आँख के अंदर की सूक्ष्मतम बारीक रचनाओं को ऑप्टिकल कोहेरेन्स टेक्नोलॉजी (OCT) के द्वारा स्कैन करके इनके अंदर आँख की विभिन्न बीमारियों से हो रहे परिवर्तन का ज्ञान कराती है, डॉ. पवन स्थापक ने बताया की CIRRUS OCT 6000 सबसे तीव्र गति का एक व्यापक जांच वाली इमेजिंग तकनीक है जिसमे बिना किसी इंट्रावैस्कुलर डाई के इंजेक्शन दिए बिना आँख के अंदर की रक्त कोशिकाओं की एंजियोग्राफी कर ली जाती है इसके अलावा इस अत्याधुनिक तकनीक के द्वारा मधुमेह की वजह से आंख के परदे में हो रहे परिवर्तन का ज्ञान बीमारी को गंभीर होने से पूर्व बताया जा सकता है, CIRRUS OCT 6000 में 3D स्कैन प्राप्त करने में सिर्फ छह सेकंड का समय लगता है जिसमे की एक लाख स्कैन प्रति सेकंड प्राप्त होते है। मध्य भारत की पहली यह मशीन जनज्योति सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल गोल बाजार जबलपुर में उपलब्ध हो गयी है जिससे न सिर्फ बीमारियों के असर को रेटिना पर जल्दी पकड़ा जा सकता है बल्कि यह भी पता किया जा सकता है कि दिए जा रहे उपचार का परदे पर कितना असर हो रहा है, इसके द्वारा कांचियाविंद, कॉर्निया का इवैल्यूएशन बीमारी के उपचार में अत्यंत सहायक होता है, कांचियाविंद को बहुत ही शुरुआती अवस्था में diagnose करने के लिए ये सबसे आधुनिक उपकरण है, जनज्योति सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल, गोल बाजार में मरीजों के लिए इस अत्याधुनिक मशीन की लॉन्चिंग की गयी जिसमे डॉ. पवन स्थापक, श्रीमती अनुपमा स्थापक, डॉ. आयुष टंडन, डॉ. अर्पिता स्थापक. डॉ. अंकित राठोड, डॉ. रितेश शुक्ला आदि उपस्थित थे ।



