जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने ताला बंद कर किया विरोध प्रदर्शन

जबलपुर दर्पण। संघ ने वि.वि. प्रशासन को कर्मचारियो की विभिन्न मांगों को लेकर समय-समय पर पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया है। किन्तु इसके बावजूद भी वि.वि. प्रशासन के द्वारा कर्मचारियो की माँगो को लेकर कोई निर्णय नही लिया गया है, जिससे अन्य कोई विकल्प न होने के कारण मजबूरन संघ के नेतृत्व में वि.वि. मुख्यालय एवं उससे संबंधित प्रदेश के समस्त महाविद्यालयो एवं समस्त इकाईयों में कार्यरत कर्मचारियों को हडताल का रास्ता अपनाने हेतु विवश होना पडा महत्वपूर्ण बिन्दु 1. सातवें वेतनमान का एरियर्स वि. वि. कर्मचारियो की प्रमुख माँग है किन्तु प्रशासन का भेदभाव पूर्ण निर्णय इसके आडे आ रहा है। एक ओर जहा इसी.वि.वि. मे वैज्ञानिको को 20-20 लाख की रेवडी बाटकर अनुग्रहीत किया जा रहा हैं वही दूसरी ओर गैर शैक्षणिक संवर्ग के जिम्मेदार कर्मचारी भूखे पेट आन्दोलन की राह पर है, 2. वि.वि. में आकस्मिता निधि से वेतन प्राप्त कर्मचारियो को समयमान का लाभ भी प्रदान नहीं किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा इन्हे कर्मचारी मानने से ही इंकार कर दिया, जबकि वि.वि. द्वारा अन्य समस्त सुविधाए प्रदान की जाती है, 3. विनियमित से नियमित हुए चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी जिनकी आयु 60 वर्ष होने के पश्चात उन्हें नियमित 2016 के आदेश से करते है और वेतनमान 2019 के आदेश से प्रदान किया जा रहा हैं। एक आदेश में दो दो आदेशो के सन्दर्भ प्रस्तुत किये जा रहे। जिस कर्मचारी को अक्टूबर 2022 में 21000 के लगभग प्रदान किया जाता था उसे नियमित होने के बाद 16000 से 17000 रू प्रतिमाह प्राप्त हो रहे है, 4. वि.वि. में नई प्रथा चली जिसमें अधिकारियों को लाभ दिलाने हेतु प्रमण्डल का निर्णय मानना प्रशासन अपनी बाध्यता बताता है वही पर दूसरी ओर 05.05.2022 को 232वी प्रमण्डल की बैठक में 158 घण्टे के कर्मचारियों के वेतनवृद्धि से संबंधित निर्णय पारित होने के उपरान्त आज तक कुलसचिव महोदय द्वारा आदेश प्रसारित नही किये गये है, कर्मचारियों को लाभ देने के लिए प्रमण्डल का निर्णय बाध्यकारी नहीं है|



