सांसारिक सुखों की प्राप्ति के लिए आवश्यक है शिवाराधना : स्वामी अशोकानंद

जबलपुर दर्पण। सांसारिक जीवन के हर क्षण का निर्धारण भोलेनाथ करते हैं, जीवन में आने वाली व्याधियो को शिव पल भर में हर लेते हैं । गंगा भगवान श्री हरि विष्णु के चरणों से प्रवाहित होकर प्रचंडता से धराधाम में आने के पूर्व सारे संसार को तारने के लिए भगवान शिव ने शीश पर धारण की। ब्रम्हांड की हर बड़ी कठिनाईयों को शिव ने धारण कर उन्हें मोक्षदायिनी बना दिया , इसलिए हर जीव को अपने अपने सांसारिक सुखों की प्राप्ति के लिए निरंतर शिवाराधना करनी चाहिए,
उक्त उद्गार स्वामी अशोकानंद जी महाराज ने हिन्दू श्रावण पुरूषोत्तम मास के पावन अवसर पर नर्मदा मैया की गोद में भक्ति धाम ग्वारीघाट में व्यासपीठ से श्रीशिव महापुराण के पंचम दिवस कहे ।
पं वेदांत शर्मा ने बताया कि 15 अगस्त तक प्रतिदिन सायं 3 बजे से शिव महापुराण की कथाओं का श्रवण करायेगे । महाराज जी के सानिध्य में वैदिक आचार्यों के व्दारा शिवार्चन, वैदिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया है, देव आवाहन, नवग्रह, षोणश मातृका कलश स्थापना
धार्मिक वैदिक अनुष्ठानों में पूजन अर्चन पंडित वेदांत शर्मा , वेदप्रकाश शर्मा , विजय पंजवानी , पप्पू लालवानी , रमेश मंगतानी,उमेश पारवानी, आशीष लालू महाराज, पुष्पराज तिवारी, जगदीश दीवान, अभिषेक पाण्डेय, सहित भाक्तिधाम सेवा समिति ने की ।


