जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

समरसता सेवा संगठन वीर दुर्गादास राठौर की जयंती पर किया विचार गोष्टी एवँ सम्मान समारोह का आयोजन

जबलपुर दर्पण। सब सबको जाने और सब सबको माने के उद्देश्य को लेकर समरसता सेवा संगठन ने वीर दुर्गादास राठौर की जयंती के अवसर पर रानी दुर्गावती कला वीथिका सभागार में विचार गोष्ठी एवँ सम्मान समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार श्री मोहन शशि, मुख्य वक्ता प्रो. डॉ आंनद सिंह राणा, विशिष्ट अतिथि गुरु रविदास महापीठ के अध्यक्ष श्री दास प्रसाद अहिरवार एवँ समरसता सेवा संगठन के अध्यक्ष श्री संदीप जैन की गरिमामय उपस्थिति में वीर दुर्गादास राठौर जी की जयंती कार्यक्रम आयोजित हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार श्री मोहन शशि ने विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए अपनी कविता के माध्यम से वीर दुर्गादास राठौर जी के कृतित्व पर प्रकाश डाला और बताया कि किस तरह हमारे महापुरुषों ने अपना सर्वस्व देकर मातृभूमि की रक्षा की उन्होंने काव्य पाठ से बताया कि संतो, महापुरुषों और हमारे आराध्यों ने अपने जीवनकाल में ऐसे कार्य किये होते कि उनके जाने के बाद भी जब हम उनकी प्रतिमा के समक्ष जाते है तो उनका तेज और आभा उसमे विराजित होती है और हम उन्हें अपने समक्ष पाते है।

श्री मोहन शशि ने कहा समरसता सेवा संगठन ने जिस तरह से चार माह में ही सर्व समाज को एक सूत्र में पिरोकर समरसता के भाव को जगाने का कार्य किया है यह अनुकरणीय और प्रसंशनीय कार्य है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ आंनद सिंह राणा ने कहा मातृभूमि की रक्षा के लिए लड़ने वाला हर योद्धा राठौर होता है। उन्होंने बताया राठौर वंश की उत्तपति इक्ष्वाकुवंश से हुई है किंतु तथाकथित इतिहासकारों ने भारत के इतिहास को ऐसा बताया और हमे पढ़ाया गया जिससे हम अपने वीर महापुरुषों की वीरगाथाओं को जान नही पाए और अपने इन वीर योद्धाओं की वीर गाथा का सच इतिहास में नही मिलता।

उन्होंने विचार गोष्ठी में बताया दुर्गादास राठौर जी ऐसे वीर थे जिन्होंने उस काल मे समरसता की भावना से कार्य करते हुए राजपूताना को एक करते हुए मुगल शासक ओरंगजेब से युद्ध किया और उनके युद्ध कौशल और नीति से मुगल भी हतप्रभ थे। हमारे जितने भी वीर योद्धा हुए उन्होंने नैतिक मूल्यों के आधार पर लड़ाइयां लड़ी और विजय प्राप्त की ऐसे वीरो की विरासत को सहेजने का कार्य हम सभी को करना है और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना है।

समरसता सेवा संगठन के अध्यक्ष श्री संदीप जैन ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा समरसता के मूल भाव को लेकर हमने संगठन का गठन किया है और हमारे संगठन का उद्देश्य है कि ऐसे महापुरुष जिन्होंने अपने कृतित्व और व्यक्तित्व से सर्व समाज को जो संदेश देने का कार्य किया है उनका संदेश केवल जाति समाज तक सीमित न रह जाये बल्कि सभी उनको जाने उनको माने और सभी उनकी भी माने। आज संगठन धीरे धीरे अपने उद्देश्य को लेकर लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है यह कार्यक्रमो में समाज के सभी वर्गों की उपस्थिति से प्रतीत होता है।

कार्यक्रम की प्रस्तावना एवँ स्वागत भाषण समरसता सेवा संगठन के सचिव उज्ज्वल पचौरी ने रखते हुए संगठन के विचार से सभी को अवगत कराया।

संगठन की ओर से शरद ताम्रकार ने वीर दुर्गादास राठौर की जीवनगाथा को बताया। कार्यक्रम का संचालन राजेश ठाकुर एवँ आभार आर्यन मिश्रा ने किया।

सम्मान – कार्यक्रम में राठौर समाज के अध्यक्ष सुरेंद्र राठौर, मुकेश राठौर, पूर्व जेडीए उपाध्यक्ष सुरेंद्र राठौर, दिनेश कुमार राठौर, श्रीमती निशा राठौर, बसन्त राठौर का सम्मान किया गया।

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