सेंट अलोयसियस सीनियर सेकन्डरी स्कूल ने मनाया स्वतंत्रता की 77 वीं वर्षगांठ

जबलपुर दर्पण। आजादी की कभी शाम न होने देंगे। शहीदों की कुर्बानी बदनाम न होनें देंगे । बची हो जो एक बूंद भी लहू की तब तक,भारत माँ का आंचल नीलाम न होने देंगे”। देश के प्रति इसी प्रकार की देश प्रेम की भावना व अमर शहीदों की कुर्बानियों को स्मरण करते हुए, आज सेंट अलोयसियस सीनियर सीनियर सेकन्डरी स्कूल,पोलीपाथर में पूरे जश्न के साथ आजादी की 77 वीं वर्षगाँठ को मनाया गया। आज के इस महाराष्ट्रीय पर्व का शुभारंभ शाला प्रबंधक महोदय रेवह.फादर एस. जी. विल्सन, प्रचार्या महोदया श्रीमती सोमा जॉर्ज, उप प्राचार्य महोदय सर डेनिस पैट्रिक और आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल संजय छिकारा की उपस्थिति में प्रारंभ हुआ । कार्यक्रम में सर्वप्रथम शाला के मुख्य द्वार से शाला प्रबंधक महोदय, शाला प्राचार्या व उप प्राचार्य व आज के कार्यक्रम प्रभारी द्वारा मुख्य अतिथि महोदय को शाला प्रांगण तक लाया गया ।
तत्पश्चात शाला प्रबंधक महोदय रेवह.फादर एस.जी.विल्सन के कर- कमलों से ध्वजारोहण किया गया ।और पूरे सम्मान पूर्वक राष्ट्रगान गाकर संपूर्ण शाला और शाला प्रांगण, तथा आसपास के वातावरण को देश-भक्ति पूर्ण रूप में समाहित कर लिया गया
इसके पश्चात् अतिथि महोदय को शाला के प्रेक्षागृह में ससम्मान लाया गया। और इसी के साथ अतिथि महोदय का स्वागत करते हुए उनका परिचय पढ़कर सुनाया गया।और इसी के साथ मुख्य अतिथि महोदय द्वारा पौधारोपण किया गया । इसके बाद दीप प्रज्वलन की विधि में मुख्य अतिथि महोदय, शाला प्रबंधक महोदय,प्राचार्या,उप प्राचार्य, कार्यक्रम प्रभारी, शाला नायिका ने अपनी सहभागिता से दीप प्रज्वलन विधि को संपन्न किया । ध्वजारोहण व राष्ट्रगान के पश्चात विद्यार्थियों द्वारा दैनिक होने वाली प्रार्थना सभा की गई। प्रार्थना सभा की शुरुआत एक सुंदर प्रार्थना गीत को गाकर की गई, फिर पवित्र बाइबल ग्रंथ से पवित्र बाइबल वचन को पढ़ा गया। गया। इसके पश्चात आज के दिन के सुविचार को पढ़ा गया ।
कार्यक्रम के अगले चरण में छात्र- छात्राओं ने निवेदन-प्रार्थना ईश्वर के समक्ष रखी। जिसके अंतर्गत पहले स्थान पर हमारे भारत देश की सरकार, भारतीय शासन व्यवस्था व भारतीय सुरक्षाबल के रखरखाव के लिए परमपिता परमेश्वर से भारत की सरकार के लिए प्रार्थना की गई। दूसरे स्थान पर हमारे देश की अमर शहीदों व बलिदानियों,अमर जवानों व उनके देश के प्रति अपने प्राणों के बलिदानों को याद करके उनकी लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। तीसरे स्थान पर हमारे समस्त शाला परिवार जिसके अंतर्गत शाला प्रबंधक महोदय,शाला प्राचार्या, उप प्राचार्य व समस्त शिक्षकगण,शाला के सभी कर्मचारियों, वह शाला की सभी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई चौथे स्थान देश के प्रत्येक नागरिकों के
लिए उनकी सुरक्षा के लिए,पांचवें स्थान शाला के सभी विद्यार्थियों के लिए पर प्रार्थना की गई ।
कार्यक्रम के अगले चरण में छात्राओं द्वारा एक सुन्दर प्रार्थना नृत्य प्रस्तुत किया गया। जिसमे ईश्वर की अपरम्पार महिमा व उनकी दिए इस सुंदर जीवन और उसकी सुंदर रचना और प्रत्येक व्यक्ति पर उनकी आशिषों के लिए धन्यवाद देने का संदेश दिया गया।इसके पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा एक सामूहिक गीत प्रस्तुत किया गया। जो देश को समर्पित था। और जिसके बोल थे “ये देश मेरी शान मेरा ईमान है तू” व “माँ तुझे सलाम” “वंदेमातरम, “ ये देश है,जो तेरा स्वदेश है मेरा”साथ ही तीन दिन पूर्व शाला में प्राथमिक विभाग से उच्चतर विभाग के छात्रों के बीच जो अंतर दलीय देशभक्ति गीत प्रतियोगिता आयोजित की गयी थी, उनमें जो दल विजेता रहे। उनके द्वारा भी देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाया शाला के प्रखर बुद्धि छात्र छात्राओं ने जिसमे ओमिशा त्रिपाठी,आर्या खरे व शिवांश और पलक सिन्हा ने क्रमशः हिंदी व अंग्रेजी भाषा में देश को समर्पित अपने जोशीले अंदाज में भाषण प्रस्तुत किये। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र छात्राओं ने एक सामूहिक मनोरंजक नृत्य की प्रस्तुति की जिसमें यह संदेश दिया गया की जिसप्रकार हम रतिवर्ष अपने देश की राष्ट्रीय पर्व को मनाते आ रहे हैं ।और उस दिन हम अपने आप से प्रतिज्ञा लेते हैं,कि अपने देश के गौरव मान-मर्यादा को कम नहीं होने देंगे।पर क्या यह सच है? बिल्कुल नहीं आज भी स्त्री- जाति पर खतरा बना हुआ है ।ओर स्त्री जाति आज भी अपने आप को असुरक्षित महसूस करती है ।इस पर हमारा ध्यान आकर्षित किया गया व इस नृत्य ने इसी बात का संदेश हम तक पहुंचाया ।
कार्यक्रम के समापन पर आज के मुख्य अतिथि महोदय द्वारा देश के नाम व शाला के नाम अपना संदेश प्रस्तुत किया गया।जिसमें उन्होंने देश की विविधता में एकता पर बल दिया ।एक मिलजुलकर अच्छा हम सब मिल जुल कर देश प्रेम उन्होंने हमारे देश की विविधता होते हुए भी एकता है संस्कृति हमारे देश हमारे देश में विविधता होते हुए भी विभिन्न संस्कृतियों एवं भाषाओं में एकता बनी हुई है हमें हमारे देश की ताकत को सभी नागरिक मिलजुलकर प्रेम शांति व सद्भावना से बनाना होगा ।हमें मिलजुलकर अपनी देश की एकता को बरकरार रखना है आगे उन्होंने विद्यार्थियों के लिए यह संदेश दिया कि उन्हें अपने सपने को पूरा करना है अपनी सुख सुविधाओं के क्षेत्रों से बाहर निकलकर उन्हें अपने सपने को भविष्य में साकार करना है।
और आगे उन्होंने समस्त शिक्षकगण से यह कहा, कि हमें अपने छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए उनके सपनों को साकार करने में अपने छात्रों की हमेशा मदद करना चाहिए शाला प्रबंधक महोदय द्वारा,शाला का स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया कार्यक्रम की समाप्ति आज के कार्यक्रम के प्रभारी श्री नितिन नायडु व श्री शैलेन्द्र द्वारा आज के कार्यक्रम के लिए सभी का आभार व्यक्त करके किया गया । जिसमें उन्होंने शाला प्रबंधक महोदय, प्राचार्या महोदया,उप प्रचार्य व समस्त शिक्षकगण शाला के कार्यालयी सदस्यगण व शाला के सभी कर्मचारी वर्गों को कोटि कोटि धन्यवाद दिया । शाला की तरफ से आज के राष्ट्रीय महापर्व के उपलक्ष्य में सभी विद्यार्थियों को कार्यक्रम के समापन पर प्रबंधक महोदय द्वारा मिष्ठान वितरण किया गया



