श्रृद्धा भाव से प्रसन्न होते हैं शिव : स्वामी अशोकानंद

जबलपुर दर्पण। निरंतरता और सतत नाम जप के साथ शिव के प्रति पूर्ण समर्पण मृत्यु और काल को भी टाल देते हैं । महाकाल की शरण और पूर्ण श्रृद्धा भक्ति भाव से आराधना करने से शिव धन धान्य समृद्धि सहित अभय वरदान देते हैं उक्त उद्गार स्वामी अशोकानंद जी महाराज ने हिन्दू श्रावण पुरूषोत्तम मास के पावन अवसर पर नर्मदा मैया की गोद में भक्ति धाम ग्वारीघाट में व्यासपीठ से श्रीशिव महापुराण के विश्राम दिवस पर कहे ।
महाराज जी के सानिध्य में वैदिक आचार्यों के व्दारा शिवार्चन, धार्मिक वैदिक अनुष्ठानों में पूजन अर्चन, पूर्णाहुति, भंडारा प्रसादी में विधायक अशोक रोहाणी, अभिलाष शर्मा,पंडित वेदांत शर्मा , वेदप्रकाश शर्मा , विजय पंजवानी , पप्पू लालवानी , रमेश मंगतानी,उमेश पारवानी, आशीष लालू महाराज, पुष्पराज तिवारी, जगदीश दीवान, अभिषेक पाण्डेय, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त जनों की उपस्थिति रही।



