अंशदायी पेंशन योजना कर्मचारियों के लिए बनी अभिशाप
जबलपुर दर्पण।मध्य प्रदेष जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि 2004 के बाद से नियुक्त हुए समस्त विभागों के कर्मचारियों द्वारा वर्षो से सेवा विभाग में देने के पश्चात भी उन्हे पूंर्ण पेंषन का लाभ नहीं दिया जा रहा है, जिससे इन कर्मचारियों की मानसिकता पर बुरा असर पड़ा हैं इनमें से कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके है और अंशदायी पेंशन अल्प होने से सेवनिवृत्त कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है जिससे उनका जीवकोपार्जन करना कठिन हो रहा है। अंशदायी पेंशन (NPS) सिर्फ और सिर्फ शासन की दोहरी है, जिससे कर्मचारियों में रेाष व्याप्त है।संघ ने बताया कि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के पष्चात जीवकोपार्जन करने में कठनाईयों का सामना करना पड़ता है क्योंकि यह राषि लगभग अत्यन्त अल्प लगभग 2000 रूपये के आस पास होती है जो कि इस मंहगाई में उंट के मुंह में जीरे के समान है इससे जीवन ज्ञापन करना असंभव ही है जिससे हर कर्मचारी अपने को ठगा महसूस कर रहा है।संघ ने बताया कि हर कर्मचारी शासकीय नौकरी इसलिए करता है या करना चाहता है कि उसे सेवानिवृत्ति के पश्चात मिलने वाली पेंशन उसके बुढ़ापे का सहारा होगी परंतु पूंर्ण पेंशन का लाभ न देकर कर्मचारियों के साथ अन्याय किया गया है और उनकी मानसिकता पर कुठाराघात किया गया है जो कर्मचारियों के साथ शासन का पक्षपात पूंर्ण रवैया है क्योंकि एक तरफ पी.एम, सी.एम., से लेकर सांसद, विधायक सभी को पेंशन की पात्रता है परंतु सिर्फ शासकीय कर्मचारी जो अपनी सेवा वर्षों से विभाग को देता आ रहा है उसे पूंर्ण पेंषन का लाभ नहीं दिया जा रहा पंरतु इन माननीयों को जो सिर्फ 5 वर्ष अपनी सेवा देते है उन्हे पेंषन का लाभ दिया जाता है यह कर्मचारियों के साथ बहुत बड़ा भेदभाव है। जबकि संविधान में भी इस बात का ज़िक्र है कि कर्मचारियों को पेंषन देना उनका मौलिक अधिकारी है।संघके जिलाध्यक्ष-राॅबर्ट मार्टिन, हेमंत ठाकरे, दिनेष गौंड़, क्रिस्टोफर नरोन्हा, राकेष श्रीवास, रऊफ खान, अफरोज खान, राजकुमार यादव, एनोस विक्टर, योगेष ठाकरे, गुडविन चाल्र्स, फिलिप अन्थोनी, विनय रामजे, एस.बी.रजक, सुनील झारिया, उमेष ठाकुर, रवि जैन, सुधीर पावेल, गोपीषाह, राजेष सहारिया, शरीफ अंसारी, कादरी अहमद अंसारी, समर सिंह ठाकुर, मनीष झारिया, नितिन तिवारी, त्रिलोक सिंह, अनूप डाहट, निलेष खरे, अषोक परस्ते, अनूप सिंह मरकाम, समर सिंह ठाकुर, धर्मेंन्द्र गुप्ता, चैतन्य कुषरे, विष्वनाथ सिंह, डेलन सिंह, मान सिंह मारको, चन्द्रभान, विषाल सिंह, आदेष विष्वकर्मा, आकाष भील, आषीष कोरी आदि ने मुख्य मंत्री महोद्य से मांग की है कि न्यू पेंषन योजना को हटा कर ओल्ड पेंषन योजना लागू की जाए।



