समरसता सेवा संगठन ने बलराम जयंती परविचार गोष्ठी एवँ सम्मान समारोह का किया आयोजन

जबलपुर दर्पण। समरसता सेवा संगठन द्वारा बलराम जयंती के अवसर विचार गोष्ठी एवँ सम्मान समारोह का आयोजन स्थानीय सिंधी धर्मशाला घंटाघर में किया गया। कार्यक्रम में विगत दिनों सम्पन्न संस्कारधानी समरसता कजलियां महोत्सव में आयोजित पूजा थाली सजाओ प्रतियोगिता एवँ निबंध प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ राजेश धीरावाणी, मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. नरेंद्र कोष्ठी, समरसता सेवा संगठन के अध्यक्ष संदीप जैन, सचिव उज्ज्वल पचौरी मंचासीन थे।
कार्यक्रम को मुख्य अतिथि डॉ राजेश धीरावाणी ने संबोधित करते हुए कहा आज इस अनूठे कार्यक्रम में मुझे आपके बीच आने का अवसर पर मिला। जब हम समरसता की बात करते है तो उसका शाब्दिक अर्थ है बिना किसी जातिभेद, लिंगभेद, छोटा बड़ा, ऊँच नीच के बिना समाज कार्य करे उसे समरस समाज कहते है।
उन्होंने कहा समरसता सेवा संगठन द्वारा जो कार्य किया जा रहा है वह देश का पहला शहर होगा जहां परमपूज्य स्वामी रामभद्राचार्य जी के आशीर्वाद से प्रारम्भ हुआ यह संगठन ऐसे अद्वितीय कार्यक्रम कर रहा है। इसके लिए संगठन का अध्यक्ष संदीप जैन जी एवँ पूरे संगठन को बधाई देता हूँ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. नरेंद्र कोष्टी ने विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा आज बलराम जी की जयंती है और संयोग से आज शिक्षक दिवस भी और आज हमारी माताएं बहिने हलषष्टी के त्यौहार को भी मानती है। आज समरसता के संदेश देने का कार्य संगठन द्वारा किया गया है पिछले दिनों कजलियां महोत्सव के अभूतपूर्व कार्यक्रम संगठन द्वारा सम्पन्न किया गया जिसमें जबलपुर के सभी समाजो के लोगो ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
उन्होंने कहा कृष्ण जी की 64 कलाओं की बात भी आती है। पूरे विश्व मे कोई ऐसा व्यक्ति नही होगा जो 64 कलाओं से युक्त हो ऐसे ही भगवन श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी थे। आज सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्मदिवस भी है और वे विख्यात शिक्षक थे और उन्ही के जन्मदिन को हम शिक्षक दिवस के रूप में मनाते है। हमारी नई शिक्षा नीति लागू हो रही है हमारी सरकार ने लक्ष्य लिया है कि 2030 तक हमारे देश 100 प्रतिशत साक्षरता दर हो सके इसके लिए सरकार तो नीतियां बना रही है तो दूसरी ओर समाज को भी अपनी भूमिका का निर्वहन करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति जब बनी तो 2.5 लाख सुझाव पूरे देश से आये और जनता के सुझावों से जनता के लिए नीति बनाई गई। उसमे महत्वपूर्ण बात समानता की है और जिस समरसता के भाव को लेकर यह संगठन कार्य कर रहा है उसी भाव को मूल में रखते हुए नई शिक्षा नीति बनाई गई है। कार्यक्रम में अध्यक्षीय उद्बोधन में संदीप जैन ने कहा सब सबको जाने और सब सबको माने के उद्देश्य को लेकर संगठन का गठन किया गया और 13 अप्रैल 2023 को परमपूज्य रामभद्राचार्य जी के कर कमलों से हमारे कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ और सुखद अनुभूति है कि संगठन के उद्देश्य को सर्व समाज ने अपना आशीर्वाद दिया साथ ही गत दिवस सम्पन्न समरसता कजलियां महोत्सव में बड़ी संख्या में सभी समाजो के प्रतिनिधियों एवँ संस्कारधानी के जनमानस ने अपनी सहभागिता की। इसके लिए संगठन की ओर से कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ।
कार्यक्रम की प्रस्तावना सचिव उज्ज्वल पचौरी ने रखी और उपस्थित जनो का स्वागत किया। समरसता सेवा संगठन की ओर से अखिल मिश्र ने बलराम जयंती के अवसर पर विचार व्यक्त किये।निबंध प्रतियोगिता में 78 बच्चों ने और पूजा की थाली सजाओ प्रतियोगिता में 33 महिलाओं ने भाग लिया जिनमे से प्रथम 10 – 10 प्रतिभागियों को 11 सौ की नगद राशि से सम्मानित किया गया इसी के साथ सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवँ स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। पूजा थाली प्रतियोगिता में देवेश्वरी मोदी, त्रिवेणी विश्वकर्मा, तर्पना साहू, आस्था अग्रवाल, पिंकी साहू, राखी पटेल, जया साहू, सुमन अग्रवाल संगीता अग्रवाल, राघवी सराफ एवँ निबंध प्रतियोगिता में रोहित खत्री, खुशी दाहिया, रिया शर्मा, आर्या जायसवाल, मान्या शुक्ला, रोहन मिश्रा, आभ्या गुप्ता, दिव्यप्रकाश सोनी, मुस्कान चौरसिया, समर्थ पटेल को प्रथम 10 में स्थान प्राप्त किया।
बलराम जयंती के कार्यक्रम में यादव समाज के प्रमुख समाजसेवी परमु यादव (राष्ट्रीय कब्बडी खिलाड़ी), लालू यादव (समाजसेवी चिकित्सा क्षेत्र), रजनीश यादव, राघवेंद्र यादव, टिकेंद्र यादव को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन धीरज अग्रवाल एवँ आभार अरुण अग्रवाल ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामजिक जन, माताये बहिनें एवँ युवा उपस्थित थे।



