ससुराल पक्ष महिला को कर रहा प्रताड़ित जैन समाज ने पुलिस अधीक्षक से की शिकायत

जबलपुर दर्पण। गढाफाटक थाना अतंर्गत मकान नंबर 478 मोची कुआ गढाफाटक वार्ड नंबर 22 जवाहरगंज निवासी 33 वर्षीय नीति जैन का विवाह 10 दिसंबर 2017 में विपुल उर्फ संदीप जैन से हुआ था। शादी के दो तीन दिन बाद से ही ससुर शीलचंद जैन, सास कमला जैन, ननद श्रीमति संध्या जैन, सरिता जैन एवं शालिनी जैन द्वारा दहेज की मांग करते हुए अत्यधिक मारपीट तथा प्रताड़ित किया जाता है। जिससे मेरे पिता अत्याधिक तनावग्रस्त रहते थे एवं कई बार मेरे पिताजी द्वार इस संबंध में मेरे ससुराल में आकर समझाने का प्रयास किया गया एवं सामाजिक स्तर पर भी सामाजिक वरिष्ठ द्वारा बात कर पति, सास, ससुर व ननद को मेरे साथ मारपीट नहीं करने हेतु समझाईश दी थी एवं सामाजिक वरिष्ठ गणों के समक्ष मेरे ससुराल द्वारा की जा रही दहेज डिमांड को कई बार मेरे पिता द्वारा पूरा किया गया और मुझे शांति से पत्नी धर्म का पालन करने कहा, परंतु सभी की समझाईश का मेरे ससुराल पक्ष के व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया एवं पूर्व की भांति मेरे साथ मारपीट जारी थी, एवं मेरे पुत्र श्रेयांश जैन एवं मुझसे कई बार मारपीट कर घर में एक कमरे में बंद कर कई दिनो तक मारपीट की जाती थी, एवं मुझे और मेरे पांच वर्ष के मासूम बच्चें को भूखा रखा जाता था, मेरे पिता इसी तनाव के चलते कई विभिन्न बीमारियों का शिकार हो गए अत्याधिक बीमारी के चलते कोविड में उनका स्वर्गवास हो गया, मैं अपने ससुरालजनों एवं पति के व्यवहार में परिवर्तन की आस में समय व्यतीत करती चली गई परंतु पति के व्यवहार में कोई परिवतर्न नहीं आया, मेरे पिता का स्वर्गवास हो जाने के उपरांत भी मेरे ससुर शीलचंद जैन, सास कमला जैन, ननद श्रीमति संध्या जैन, सरिता जैन एवं शालिनी जैन के व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया एवं पहले से भी अत्याधिक क्रूर व्यवहार किया जाने लगा, एवं अपने स्वर्गवासी पिताजी की संपत्ति से हिस्सा लेकर आ नहीं तो तुझे और तेरे बेटे को जान से मार देंगे और यदि दहेज में संपत्ति नहीं लाई तो हमारे घर में तेरे लिए कोई जगह नहीं है, यह कहते हुए मेरे पति द्वारा मेरे भाई और मेरी माता को गंदी-गंदी गालियां दी गई एवं उन्हें भी जान से मरवाने की धमकी दी गई, मेरे पिता नहीं रहे अब तक मुझ पर तरस खाओं और मुझे परेशान करना छोड़ दो मेरे भाई और माता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तब मेरे पति और ससुराल में सभी ने मुझे कहा कि तेरे पिताजी तो नहीं रहे अब तेरी माँ जेवर का क्या करेगी, उनके पूरे जेवर, गाड़ी और मकान के कागज लेकर आ और ऐसा कहते हुए सभी ने मुझे एवं मेरे पांच वर्ष के बेटे को अत्याधिक गंदी गालियां देते हुए मेरे पति ने बाल पकड़कर मारपीट करते हुए घर के एक कमरे में बंद किया फिर दीवार पर मेरा सर पटक कर लात घूसों से मारते हुए मेरा गला दबाकर मेरी छाती पर चढ़ गए और मुझे जान से मारने का प्रयास किया व मेरे पुत्र को भी गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया और जब मैं अधमरी हो गई तो वह कहने लगे कि बता तू जेवर, गाड़ी व जायदाद के पेपर लाएगी या नहीं यह कहकर फिर मारा एवं कहने लगे अगर तू नहीं लायेगी तो तेरा जिंदा रहना मुश्किल है ऐसा कहकर मुझे व मेरे बेटे को फिर घसीटकर मारा और कमरे के अंदर बंद करने लगे, मौका पाकर किसी तरह अपने मामा सागर निवासी बाबूलाल जैन को रात लगभग 3.15 बजे फोन कर उपरोक्त घटना के बारे में बताया, और कहा कि मामा अब मुझसे दर्द सहन नहीं हो रहा है तो सुबह तक मैं नहीं बचूगी एवं फोटो अपने भाई के मोबाइल पर भेजी, परिजनों में से मेरे मामा बाबूलाल जैन, मामा का बेटा गौरव जैन, छोटी मामी नीलिमा मोदी व ममेरी बहन का पति आशीष कुमार जैन सभी मेरे ससुराल आए और मुझे एवं मेरे पुत्र को कमरे से अधमरी हालत में बाहर निकाला एवं पानी पिलाया तत्पश्चात मैं अपने साथ हुई दर्दनाक घटना से अपने परिवारजनों को अवगत कराया एवं उसके बाद भी मेरे पति विपुल उर्फ संदीप जैन, ससुर शीलचंद सास कमला जैन, ननद श्रीमति संध्या जैन, सरिता जैन एवं शालिनी जैन द्वारा मेरे परिजनों से कहा गया कि इसे ले जाओं इस बार तो जिन्दा मिल गई है अगली बार यदि प्रापर्टी मेरे नाम नहीं हुई तो इसका व श्रेयांश का जिंदा रहना मुश्किल होगा, सहनशीलता की सारी हदें पार होने पर मुझे और मेरे पुत्र को अधमरी हालत में ही मेरे परिजन मुझे मेरे छोटे चाचा ससुर छोटेलाल जैन के घर ले गए ओर वहा सारा वृत्तांत बताया एवं ससुराल जनों को समझाईश देने को कहा परंतु मेरे पति व ससुराल के सभी लोग दहेज में संपत्ति लाने एवं उसे मेरे पति के नाम करने की बात पर अड़े रहे एवं कोई सहमति नहीं बन पाई, जिसके बाद मैं अपना सारा स्त्रीधन और आभूषण ससुराल से लिये बिना ही अपने परिजनों के साथ उपरोक्त घटना की लिखित शिकायत करने थाना लार्डगंज चली गई, रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस द्वारा मारपीट की जांच हेतु की जाने वाली मेडीकल चेकअप करवाने के लिए विक्टोरिया अस्पताल गए, जहां परीक्षण के उपरांत परीक्षकों ने मुझे पुलिस अधिकारियों के समक्ष गंभीर स्थिति बताकर मुझे 1 अक्टूबर को विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कर लिया, जहां दो दिन उपचार होने के बाद तीसरे दिन दोपहर में मेरी हालत गंभीर होने के कारण मुझे मेडीकल रिफर कर दिया गया वहां मुझे अत्यंत गंभीर चोटें होने के कारण विभिन्न जांच करते हुए केचुएल्टि में डॉक्टर के निरीक्षण में रखा गया, जहां पर चिकित्सकों के निरीक्षण का अभाव होने के कारण मुझे आराम नहीं लगा, जिसके कारण मेरे परिजनों ने मुझे बाम्बे हॉस्पिटल में लाकर भर्ती किया, जहां अभी भी गंभीर हालत में मेरा उपचार किया जा रहा है, प्रताड़नाओं के कारण मेरे पुत्र की मानसिक स्थिति भी बिगड़ने लगी है,
महोदय जी मेरे ससुराल जनों ने यह निंदनीय कृत्य करने के उपरांत अभी भी मेरे परिजनों को विभिन्न माध्यमों से डराकर धमकाकर एवं जान से मारने की धमकी देकर रिपोर्ट वापस लेने एवं संपत्ति मेरे पति विपुल उर्फ संदीप जैन के नाम करने हेतु प्रताड़ित किया जा रहा है, साथ ही उपरोक्त घटना को दबाने के लिए मेरे ऊपर अनर्गल लांछन लगाते हुए मेरी मान मर्यादा एवं सामाजिक गरिमा को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, पुलिस अधीक्षक से निवेदन है कि मेरे पति विपुल उर्फ संदीप जैन, ससुर शीलचंदजैन, सास कमला जैन, ननद श्रीमति संध्या जैन, सरिता जैन एवं शालिनी जैन द्वारा की गई क्रूरता, मानसिक प्रताड़ना एवं मारपीट के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने एवं मुझे उचित न्याय दिलाने की कृपा करें ।



