कांग्रेसजनों ने दी सेठ गोविन्द दास जी को पुष्पांजलि

जबलपुर दर्पण। सेठ गोविन्द दास जी समय के बहुत पाबंद थे। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी जी के संपर्क में आकर उन्होंने न केवल महाकोशल, बल्कि देश भर में भ्रमण कर युवाओं को प्रेरित करते हुए राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ा। इस दौरान जेल में रहते हुए गोविंददास जी ने सौ से अधिक नाटक लिखे। वे स्वतंत्रता सेनानी के साथ प्रख्यात साहित्यकार, राष्ट्रभाषा हिन्दी के शिल्पी, संविधान सभा के विधि विशेषज्ञ, कवि, लेखक और सहृदय व्यक्तित्व के धनी थे। उनमें विविधता और बहुलता के दर्शन होते हैं। उक्त बातें सोमवार को शहीद स्मारक गोल बाजार स्थित उनके प्रतिमा स्थल पर आयोजित पद्मभूषण डॉ सेठ गोविन्द दास जी के 128 वे जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने कही। इससे पहले कांग्रेसजनो और प्रबुद्धजनों द्वारा उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर पूर्व विधायक और सेठ गोविन्द दास स्मारक समिति के अध्यक्ष नित्यनिरंजन खंपरिया, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, समाजसेवी बाबू विश्वमोहन, विधायक विनय सक्सेना, सुधीर सक्सेना, मदन गोपाल तिवारी, अनिल उपाधाय, नगर सेवादल अध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा, शिव अग्रवाल, रमेश श्रीवास्तव, सुशीला कनौजिया, भगतराम, सतीश तिवारी, कमलेश यादव, हाजी इसरार, मनोज सेठ, रज्जू सराफ, प्रशांत मिश्र, डॉ मनीष सराफ, रिजवान अली कोटि, विष्णु विनोदिया,प्रिंस सलूजा, देवकी पटेल सहित कोंग्रेसजन उपस्थित रहे।



