राष्ट्र जागरण मंच ने कारसेवकों का किया सम्मान

जबलपुर दर्पण। राष्ट्र जागरण मंच जबालीपुरम द्वारा “रामलला हम आएंगे-मंदिर वही बनायेंगे” के उद्घोष के साथ भगवान राम मंदिर आंदोलन में शामिल कारसेवकों का सम्मान समारोह महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद जी महाराज, साँसद राकेश सिंह, पं अशोक मनोध्या, मुन्ना पांडे, राममूर्ति मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति में मारुती मंडपम में किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूज्य संत अखिलेश्वरानंद स्वामी ने कहा आज पूरा देश हर्षित और उत्साहित है क्योकि सैकड़ो वर्षो से जिस पल की हम प्रतीक्षा कर रहे थे वह पल आने वाला है आगामी 22 जनवरी को भारत की आत्मा में बसे भगवान श्रीराम के भव्य मन्दिर का लोकार्पण होगा और हम अपने आपको सौभाग्यशाली मानते है जो इस दौर के साक्षी बनेंगे किन्तु भगवान रामलला के मंदिर के निर्माण का संघर्ष 500 वर्ष पुराना है जो हमारे पूर्वजो ने प्रारंभ किया था और 1990 के कालखंड में जब राममंदिर आंदोलन विश्व हिंदू परिषद की अगुवाई में अपने चरम पर था तो पूरे देश से कारसेवकों ने आंदोलन चलाया और भारत के स्वाभिमान की रक्षा करने का संकल्प लिया, संस्कृति की रक्षा, संस्कारो के जागरण का अभियान चलाया और श्रीराम की जन्मभूमि आंदोलन के लिए तीन बार कारसेवा की गई 1990, 1991 के बाद हिन्दू शौर्य दिवस की स्थापना 1992 की कारसेवा में हुई। जिसमे कारसेवा में शामिल हमारे पूज्य साधुसंतों, कारसेवकों ने अपने प्राणों का बलिदान भी दिया पर अपने लक्ष्य को नही छोड़ा और हमारी कारसेवा सफल हुई।
स्वामी अखिलेश्वरानंद जी ने कहा आज हमारा देश फिर अपने सांस्कृतिक वैभव और संस्कारो को पुनः जीवित कर रहा है हमारे मंदिरों का पुनः निर्माण हो रहा है, भगवान रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण पूरा होने जा रहा है देश काशी लोक, महाकाल लोक, देवीलोक, बन रहे है किन्तु दूसरी ओर सनातन को समाप्त करने वाले लोग भी खड़े हो गए है इनका विशेष ध्यान रखना होगा।
साँसद श्री राकेश सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा अयोध्या में भगवान राम का मन्दिर बने इसके लिए भारत के लोगो ने सैकड़ो वर्षो इंतज़ार किया डच, फ़ारसी, पुर्तगाली मुगलो और अंग्रेजों ने देश को परतंत्र रखा किन्तु 1947 मिली आज़ादी के बाद लोगो मे बड़ी उम्मीदें थी कि हमारी सरकार है हमारे लोगो का शासन है किन्तु उस समय की सरकारों ने रामलला मंदिर निर्माण के आंदोलन को न्यायालय पहुँचा दिया और उसके बाद किसी भी सरकार ने आगे आकर प्रयास नही किया अनेको आंदोलन हुए कारसेवा हुई, लोगो का बलिदान हुआ पर स्थाई हल नही निकाला।
देश के ऊपर राममंदिर निर्माण और जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का सपना तो सभी देखते थे पर उसे पूरा होने की सिर्फ उम्मीद ही लगा सकते थे फिर देश में नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र की सरकार बनी तो जम्मू कश्मीर आज भारत का अभिन्न अंग है और धारा 370 को हटाया जा चुका है और दुनिया का सबसे विख्यात भगवान राम मंदिर का भव्य मन्दिर पूरा हो रहा है और भी ऐसे कार्य हो रहे है जिनका सपना हम सभी ने देखा था।कार्यक्रम में पं अशोक मनोध्या, मुन्ना पांडे ने संबोधित करते हुए रामजन्मभूमि आंदोलन के संस्मरण सुनाए।कार्यक्रम का संचालन शैलेन्द्र गोंटिया ने किया एवँ आभार देवेन्द्र मनोध्या ने किया।कार्यक्रम में सुशील उपाध्याय ,शरद अग्रवाल, दीपचंद साहू, संजय गोंटिया, अम्बादास ताम्रकार, जितेंद्र तिवारी, दशरथ प्रजापति, लालजी त्रिपाठी, जगदीश यादव, मुन्ना झारिया, भरत पाठक, अशोक पटेल, रामा राठौर, डॉ सुमंत तिगनाथ, एड अर्जुन मिश्रा, गुलाब पटेल, संजय साहू, राजेश शर्मा, रमेश शुक्ला, संतोष बाजपेयी, आदि कारसेवकों का सम्मान किया गया।



