जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

नेशनल एबिलिंपिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने दिव्यांगजनो को अपने कौशल को उजागर करने के लिए एबिलिम्पिक्स आयोजित

जबलपुर दर्पण। सेंट्रल जोन रीजनल एबिलिंपिक्स 2024 जबलपुर, मध्य प्रदेश के एग्रीकल्चर कॉलेज, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्व विद्यालय, में 24 और 25 फरवरी 2024 को आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। क्षमताओं और प्रतिभाओं का उत्सव होने का वादा करते हुए, इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश के भोपाल, उज्जैन, इंदौर, सागर, जबलपुर, बालाघाट और बिलासपुर, रायपुर, अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) जैसे विभिन्न शहरों से 200 से अधिक दिव्यांगजन (पीडब्ल्यूडी) 15 कौशल श्रेणियाँ में भाग लेंगे |

नेशनल एबिलंपिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनएएआई) द्वारा आयोजित, तथा डीईपीडब्ल्यूडी, टाटा पावर और जबलपुर जिला प्रशासन के सहयोग से एबिलंपिक प्रतियोगिताओं का आयोजन जबलपूर में किया जा रहा है। यह कार्यक्रम दिव्यांजनो की प्रतिभा को प्रदर्शित करने का एनोठा प्लॅटफॉर्म है, और अधिक समावेशी समाज को बढ़ावा देता है। कम्प्युटर संबंधित (आईसीटी) में 60 से अधिक दिव्यांगजन पंजीकृत होने के साथ अधिकतम भागीदारी देखेंगे, इसके बाद पेंटिंग में 35+ दिव्यांगजन कलात्मक कौशल का प्रदर्शन करेंगे। शिल्प काला में 25 से अधिक दिव्यांग प्रतिभागी अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे, हॉस्पिटलिटी सेक्टर से संबंधित कौशल जैसे खाना पकाना, बेकरी तथा रेस्टोरेंट सेवाएँ में लगभग 20 से अधिक दिव्यांग एवम सिलाई/पोशाक निर्माण प्रतियोगिता में 15 से अधिक दिव्यांगजन (पीडब्ल्यूडी) चमकने के लिए तैयार हैं। 200 से अधिक चयनित व्यक्तियों की अपेक्षित भागीदारी सेंट्रल ज़ोन एबिलिम्पिक्स को एक शानदार सफलता बनाने के प्रति उत्साह और प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

नेशनल एबिलिंपिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनएएआई) के महासचिव और सार्थक एजुकेशनल ट्रस्ट के संस्थापक सीईओ डॉ. जितेंद्र अग्रवाल ने साझा किया, “दिव्यांगजन (पीडब्ल्यूडी) देश की आबादी का 5% से अधिक हिस्सेदारी हैं। उन्हें रोजगार, आत्म-सम्मान और स्वतंत्रता के लिए कौशल विकास के अवसर प्रदान करना महत्वपूर्ण है। एबिलिम्पिक्स केवल कौशल प्रदर्शित करने के बारे में नहीं है; यह ऊनके दृढ़ संकल्प और सीमाओं से परे अविश्वसनीय क्षमताओं का उत्सव है”। भारत ने मार्च 2023 में फ्रांस में 10 वें अंतर्राष्ट्रीय एबिलिम्पिक्स में 13 सदस्यीय टीम के साथ 7 पदक हासिल करके नया इतिहास रचा दिया । भारत का लक्ष्य अब प्रतिभा, प्रतिबद्धता और उत्कृष्टता की खोज को उजागर करते हुए 2027 अंतर्राष्ट्रीय एबिलिंपिक्स, फिनलैंड में बड़ी संख्या में भाग लेना है।

नेशनल एबिलंपिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनएएआई) की स्थापना मई 2001 में सामाजिक न्याय और अधिकारिता और मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी, और यह एसोसिएशन, एबिलंपिक जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की भागीदारी की सुविधा प्रदान करता है। सेंट्रल जोन एबिलिंपिक्स 2024, निश्चित रूप से एक ऐसा आयोजन होने वाला है जहां क्षमताएं आसमान चुयेंगी, बाधाओं को तोड़ेंगी और संभावनाओं को फिर से परिभाषित करेंगी।

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