पीएलवी कर्मचारी की फोटो लगाकर की जा रही थी पैसों की मांग

जबलपुर दर्पण । जिले में साइबर अपराधियों की हिम्मत अब इतना बढ़ गई है कि वे आम नागरिकों के साथ-साथ अब कानून से जुड़े लोगों को भी निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के पीएलवी (पैरा लीगल वॉलेंटियर) कार्यकर्ता संजीव कुमार के साथ सामने आया है, जिनकी डीपी फोटो का दुरुपयोग कर किसी अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप के माध्यम से पैसों की मांग शुरू कर दी।
फोटो लगाकर फर्जी नंबर से की जा रही थी मांग
संजीव कुमार ने बताया कि 28 जून 2025 से लेकर 2 जुलाई तक लगातार दो मोबाइल नंबरों — 8003327003 और 9798932989 — से उनके जानने वालों को संदेश भेजे गए, जिनमें उनकी प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर ₹5000 की मांग की जा रही थी। यहां तक कि साइबर अपराधी ने फोन-पे का स्कैनर भी भेजा, जिससे पैसे भेजने का दबाव बनाया जा सके।
सामाजिक छवि पर खतरा
संजीव ने कहा, “मैं पिछले 20 वर्षों से सामाजिक संस्थाओं और विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़कर जनसेवा में लगा हूं। मेरे साथियों ने जब मुझसे पूछा कि आपने अचानक पैसों की मांग क्यों की, तो मैं हैरान रह गया। बाद में पता चला कि मेरी फोटो का इस्तेमाल किसी दूसरे नंबर से किया जा रहा है।”
उन्होंने इस घटना को न केवल व्यक्तिगत छवि को धूमिल करने वाला बताया, बल्कि इसे सोच-समझकर की गई साइबर ठगी की साजिश बताया।
शिकायत के बावजूद कार्रवाई में देरी
संजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने तत्काल गोसलपुर थाने में इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय को भी इसकी जानकारी दी गई है। हालांकि, घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
संजीव की अपील – त्वरित कार्रवाई हो
पीड़ित संजीव कुमार ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि
- उपरोक्त मोबाइल नंबरों की तुरंत साइबर जांच कराई जाए।
- संबंधित अपराधी के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में सख्त कार्रवाई हो।
- लोगों को फर्जी फोटो और नंबर से होने वाली इस तरह की ठगी से सावधान किया जाए।
साफ संदेश – अब कानून के रक्षक भी असुरक्षित?
यह मामला इस ओर भी संकेत करता है कि अब साइबर ठगों के निशाने पर समाज के हर वर्ग हैं — आम नागरिक से लेकर कानून की सेवा में लगे कर्मचारी तक। यदि समय रहते इन मामलों में सख्ती नहीं बरती गई तो भविष्य में बड़ी वारदातों से इनकार नहीं किया जा सकता।



