यात्री प्रतीक्षालय कोनीकला में रेत माफियाओं ने जमाया डेरा

सिस्टम की नाकामी कहे या रेत माफियाओं की दबंगई
जबलपुर दर्पण पाटन ब्यूरो। जबलपुर जिले की पाटन तहसील अंतर्गत आने वाली कोनीकला ग्राम पंचायत के यात्री प्रतीक्षालय पर रेत माफियाओं ने पलंग बिस्तर लगाकर कब्जा कर लिया हैं जिसकी जानकारी तहसील के वरिष्ठ अधिकारियों को भी है वे भली भाती जानते है इसके पीछे कोन लोग है। इसके बावजूद आज तक प्रशासन के द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं होना यह दर्शाता है इन सभी अधिकारियों की मिली भगत के चलते रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। हिरण नदी की इस दुर्दशा के मुख्य दोषी रेत माफियाओं के साथ साथ तहसील के अधिकारी भी है यदि समय रहते अवैध कार्य को अंजाम देने वालो पर सक्त कार्यवाही होती तो आज कोई व्यक्ति शासकीय यात्री प्रतीक्षालय का इस तरह कब्जा नहीं कर पता प्रशासन ने रेत माफियाओं के आगे घुटने टेक दिए है। जबकि ग्राम पंचायत कोनी आने जाने वाले यात्री बासन गांव से बस में बैठते हैं। सभी बसों का एस्टापिज बासन गांव में होता है। साथ ही ग्राम पंचायत ने वहा यात्री प्रतीक्षालय भवन बनावा दिया है। इसी वजह से कोनी तिगड़ा में बने
यात्री प्रतीक्षालय पर रेत माफियाओं ने अपना कब्जा जमा लिया है। मीडिया से चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने बताया है इस यात्री प्रतीक्षालय में 24 घंटे बाहरी लोग आकर रुकते है। इनके कारण रात में गांव आने जाने वाले लोग डर के साए में यहां से गुजरते है। ग्रामीणों की मांग है इन सभी कब्जाधारियो पर सक्त कार्यवाही करे। साथ ही पाटन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोनी गांव में पुलिस गस्त लगाई जाय जिससे कुछ हद तक अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर रोक लगाई जा सके।




