शिव नाम से ही लोककल्याण : स्वामी अशोकानंद

जबलपुर दर्पण। शिव सर्व मंगल ही करते हैं । सनातन धर्म और वैदिक संहिताओं में वर्णित तैंतीस करोड़ देवी-देवताओ के आदिदेव महादेव हैं । जलाभिषेक और बिल्व पत्र अर्पण करने मात्र से कष्टों का निवारण होता है उक्त उद्गार स्वामी अशोकानंद जी महाराज ने हिन्दू श्रावण पुरूषोत्तम मास के पावन अवसर पर नर्मदा मैया की गोद में भक्ति धाम ग्वारीघाट में व्यासपीठ से श्रीशिव महापुराण के प्रथम दिवस कहे ।
पं वेदांत शर्मा ने बताया कि 15 अगस्त तक प्रतिदिन सायं 3 बजे से शिव महापुराण की कथाओं का श्रवण करायेगे । महाराज जी के सानिध्य में वैदिक आचार्यों के व्दारा वैदिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया है, देव आवाहन, नवग्रह, षोणश मातृका कलश स्थापना
धार्मिक वैदिक अनुष्ठानों में पूजन अर्चन पंडित वेदांत शर्मा , पुष्प तिवारी ,अभिलाष पाँडे , वेदप्रकाश शर्मा , विजय पंजवानी , पप्पू लालवानी , रमेश मंगतानी,उमेश पारवानी, आशीष लालू महाराज, पुष्पराज तिवारी सहित भाक्तिधाम सेवा समिति ने की।



