संत अलायसियस महाविद्यालय में कार्यशाला का हुआ शुभारंभ

जबलपुर दर्पण। संत अलायसियस स्वशासी महाविद्यालय द्वारा ‘विष्लेषणात्मक तकनीकों पर सात
दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्य शाला में डी.एस.टी.
के स्तुति कार्यक्रम के अंतर्गत प्रायोजित यह कार्यशाला ‘एनेलायटिकल टेक्नीक्स‘ (विष्लेषणात्मक
तकनीकें) विषय पर आधारित है। कार्यक्रम का प्रारंभ ईश वंदना से किया गया इसके पश्चात
अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अगले चरण में कार्यशाला की संयोजिका
डॉ सोनाली निगम (विभागाध्यक्ष, बॉटनी एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग) ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर
प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. सर्दुल सिंह संधु (डायरेक्टर, श्री गुरू नानक देव जी शोध पीठ, रा.दु.वि.वि जबलपुर) ने अपने संदेश में कहा कि विज्ञान सदैव समाज कल्याण हेतु प्रतिबंध रहा
है । धर्म और विज्ञान दोनों ही सत्यता की खोज करते हैं और एक दूसरे के पूरक हैं। हमें जीवन के विविध क्षेत्रों में इनका विवेकपूर्ण ढंग से सदुपयोग करना चाहिए। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फा. वलन अरासू ने अपने संदेश में कहा कि अध्ययन का प्रायोगिक पक्ष अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और यह हैंड ऑन ट्रेनिंग विद्यार्थियों के लिए ना केवल ज्ञान का विस्तार करेगी अपितु विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने की क्षमता भी इसके माध्यम से विकसित हो सकेग। कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय के उप-प्राचार्यगण डॉ. कल्लोल दास एवं डॉ.
अंजली डिसूजा, डॉ. फेमिना सोबिन, डॉ. सुतापा राय, डॉ. अमिता क्षत्री, डॉ. श्वेता लिखितकर, फा.
प्रदीप रॉड्रिक्स का विशेष योगदान रहा। उद्घाटन सत्र के दौरान मंच संचालन रोशनी चौबे
एवं एनोश फिलिप्स के द्वारा तथा आभार प्रदर्शन रूना पाल के द्वारा किया गया।



