श्री गुरु तेग बहादुर खालसा महाविद्यालय में गणित दिवस 2023 का आयोजन

जबलपुर दर्पण। श्री गुरु तेग बहादुर खालसा महाविद्यालय में 22 दिसंबर 2023 से 23 दिसंबर 2022 तक राष्ट्रीय गणित दिवस 2023 का आयोजन “मध्य प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद भोपाल के सौजन्य से महाविद्यालय प्राचार्य महोदय डॉ. आर. एस. चंडोक जी के निर्देशन में किया जा रहा है इस वर्ष की थीम “MATHEMATICS FOR EVERYONE ” विषय पर आधारित है कार्यक्रम के प्रथम दिवस का शुभारम्भ प्राचार्य महोदय के कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो.मृदुला दुबे,कोऑर्डिनेटर डायरेक्टर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय व विशेष अतिथि प्राचार्य गुरु नानक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय श्रीमति जसविंदर बाजवा के द्वारा किया गया, जिसके पश्चात् प्राचार्य महोदय जी ने उपस्थित आज की वक्ता एवम अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा की भारत में राष्ट्रीय गणित दिवस महान गणितिज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की याद में मनाया जाता है, श्रीनिवास रामानुजन की गणना आधुनिक भारत के उन व्यक्तियों में की जाती है जिन्होंने विश्व में नए ज्ञान को पाने और खोज़ने की पहल की और 1729 को दिलचस्प नंबर बताया की यह सबसे छोटी संख्या है जिसको दो अलग-अलग तरीके से दो घनों के योग के रूप में लिखा जा सकता है, तब से 1729 को उनके सम्मान में हार्डी-रामानुजन नंबर कहा जाता है, आपने कहा की गणित सभी के लिए सामान रूप से उपयोगी है अतः हम सभी को अपने जीवन में अनुशासन लाने के लिए गणित को समझाना चाहिए, प्रो. मृदुला दुबे जी ने अपने व्यख्यान में कहा की गणित हमारे दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग है आपने दैनिक जीवन की गतिविधियों को गणित के साथ जोड़ते हुए कहा की गणित जीवन के प्रत्येक पहलू और प्रत्येक विषय के साथ जुड़ा हुआ है आपने गणित के रोचक तथ्य की जानकारी विद्यार्थियों को दी आपने बताया कि किस प्रकार सभी यंत्रो की कार्यप्रणाली गणित से जुडी हुई है साथ हे आपने श्रीनिवासन रामानुजन जी के गणित में योगदान पर प्रकाश डाला, इसके पश्चात श्रीमती जसविंदर बाजवा जी के द्वारा विद्यार्थियों को गणित दिवस का महत्व बताते हुए रामानुजन जी के जीवन के रोचक तथ्य बताये गए, विभिन्न विद्यालयों से आये हुए छात्र-छात्राओं के लिए निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया तथा उन्हें रामानुजन के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखयी गयी, डॉ. मनीष शाह, श्रीमती शिखा पाराशर, डॉ. शिवमणि मिश्रा, डॉ. अंजु पाठक, श्रीमती शशि दुबे, डॉ संध्या कोष्टा ,रत्नेश नामदेव, संजय गुप्ता एवं सभी प्राध्यापक व विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ हर्षिता शुक्ला ने किया एवं आभार प्रदर्शन डॉ. रोहित वर्मा द्वारा किया गया।



