जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

मानव अधिकार आयोग ने जनहित के मुद्दों पर लिया संज्ञान, कार्यवाही का निर्देश देकर मांगा जवाब

जबलपुर दर्पण।। शहर में जनहित के विभिन्न मुद्दों पर कई विभागों में व्याप्त अनियमिताओं के समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों के आधार पर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी फरजाना मिर्जा ने बताया कि, आयोग की मुख्य पीठ भोपाल में प्रकरण पर सुनवाई करते हुए, अध्यक्ष मनोहर ममतानी तथा सदस्य राजीव कुमार टण्डन की युगलपीठ ने मानव अधिकारों के हनन का मामला मानकर, संबंधित अधिकारियों को जांच व की गई कार्यवाही का जवाब मांगा हैं।
(ग्रेच्‍युटी राशि नहीं मिली, इलाज के अभाव में दिव्‍यांग पुत्र की मृत्‍यु)
नगर निगम से माली के पद से सेवानिवृत्‍त हुई एक महिला कर्मचारी के दिव्‍यांग पुत्र की इलाज के अभाव में मृत्‍यु हो गई। महिला को ग्रेच्‍युटी की राशि नहीं मिलने के कारण वह अपने दिव्‍यांग पुत्र का इलाज नहीं करवा पाई। आयुक्‍त नगर निगम से मामले की जांच कराकर, पीड़ि‍त महिला को ग्रेच्‍युटी मिलने में हो रहे विलम्‍ब के संबंध में कारण और इसके भुगतान के संबंध में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन तीन सप्‍ताह में मांगा है।
(पुलिस के चक्कर काट रहा ठगी का शिकार बाबा)
जिले की तहसील पाटन के ग्राम पौड़ी स्थित एक आश्रम के बाबा के साथ एक नटवरलाल द्वारा खुदाई में निकले सोने की चमक दिखाकर दो लाख रूपये की धोखाधड़ी की गई। पी‍ड़ि‍त बाबा की शिकायत पर 90 दिनों के बाद भी पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कराकर, की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन तीन सप्‍ताह में मांगा है।
(अपार्टमेंट के लिये मुसीबत बन गया बेसमेंट के लिये खोदा गड्ढा)
शहर के तैयब अली चौक के समीप बने गिरनार अपार्टमेंट के बाजू से होने वाले निर्माण के बेसमेंट के लिये छह माह पहले करीब 20 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था, अपार्टमेंट के बाजू की मिट्टी तेजी से धंसक रही है। इस कारण बड़ा हादसा व जनहानि की आशंका को लेकर रहवासियों द्वारा शिकायत नगर निगम से लेकर जिला प्रशासन तक में की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। कलेक्‍टर एवं निगमायुक्त से मामले की जांच कराकर, जन सुरक्षा के लिये आवश्यक व्‍यवस्‍था सुनिश्चित कराये जाने के सम्‍बन्‍ध में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन 15 दिनों में मांगा है।
(जर्जर हो गया सिविल अस्पताल का पांच दशक पुराना पोस्‍टमार्टम हाउस)
शहर के सिविल अस्पताल से लगभग 3 सौ मीटर दूर सब्‍जी मंडी के पीछे स्थित पोस्टमार्टम घर के जर्जर अवस्‍था में होने का मामला सामने आया है। पांच दशक पुराने इस पोस्‍टमार्टम घर मे पीएम कराने के लिये आने वाले लोगों के बैठने, पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।कलेक्‍टर एवं सीएमएचओ से मामले की जांच कराकर, की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह में मांगा है।
(न दवा, न अनाज, विक्षिप्‍त जवान बेटे के साथ मुफलिसी की इंतेहा)
शहर के घमापुर थाना क्षेत्र के वार्ड जवाहरलाल नेहरू और लेंडमार्क कॉचघर झंडा चौक के पास एक व्‍यक्ति को अपने विक्षिप्‍त जवान बेटे के साथ जर्जर हो चुके मकान में अव्‍यवस्‍था एंव सरकारी योजना से वंचित रहने पर जीवन-यापन करने में कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्‍टर से मामले की जांच कराकर, पीड़ित पक्ष को आवश्यक सहायता दिलवाये जाने के सम्‍बन्‍ध में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह में मांगा है।
(किराये के भवनों में चल रही पुलिस चौकियॉ)
शहर के यादव कॉलोनी क्षेत्र की पुलिस चौ‍की को एक शॉपिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍स की तीसरी मंजिल पर संचालित किये जाने का मामला सामने आया है। आज भी अधिकांश पुलिस थानों एवं चौकियों को खुद की जमीन के अभाव में किराये के भवनों में संचालित किया जा रहा है। पुलिस चौकी स्‍थाई जगह पर ना होने के कारण कई बार फरियादों को चौकी तलाश करने मे परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कराकर, की गई कार्यवाही विशेषकर थाने पर आ रहे बुजुर्गों, महिलाओं एवं दिव्‍यांगजन को हो रही असुविधा को देखते हुये पुलिस चौकी वैकल्पिक उपयुक्त एवं सर्व सुविधायुक्त स्‍थान पर स्थापित किये जाने के सम्‍बन्‍ध में एक माह में प्रतिवेदन मांगा है।
(जर्जर भवन के शासकीय स्कूल मे तीन कमरों में लग रहीं आठ कक्षाएं)
जिले के सिहोरा विकासखंड अंतर्गत संकुल केन्‍द्र गोसलपुर के तहत संचालित एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय मुस्कुरा में प्राइमरी विद्यालय के पुराने जर्जर भवन में तीन कमरों में आठ कक्षाएं कक्षाएं लग रही है। विद्यालय में हो रही अव्‍यवस्‍था एवं जर्जर भवन के खतरे के माहौल में शिक्षकों एवं बच्‍चों को अध्‍यापन व अध्‍ययन करना पड़ रहा है। कलेक्‍टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी से मामले की जांच कराकर विद्यार्थियों को प्राप्‍त शिक्षा के मौलिक/मानव अधिकार के उपयोग को सुनिश्चित कराये जाने के सम्‍बन्‍ध में की गई कार्यवाही /व्यवस्था के संबंध में एक माह में प्रतिवेदन मांगा है।
(सत्र चल रहा 2024-25 का, संबद्धता दे रहे 2021-22 की)
शहर के कुछ नर्सिंग कॉलेजों एवं आयुर्विज्ञान मेडिकल यूनिवर्सिटी की लापरवाही के चलते विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है। 2024-25 सत्र शुरू होने के बावजूद सिर्फ उन्‍हें 2021-22 तक की ही संबद्धता दी है, जिसके चलते नये सत्र के विद्यार्थियों की आगामी सत्र की परीक्षाएं भी खतरे में पड़ गई है। आयुक्त चिकित्सा शिक्षा से मामले की जांच कराकर, की गई कार्यवाही के संबंध में तीन सप्‍ताह में प्रतिवेदन मांगा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88