विकसित भारत 2047 पर द्वि दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

जबलपुर दर्पण । संत अलॉयसियस महाविद्यालय, जबलपुर के रसायन शास्त्र एवं राजनीति शास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वाधान में भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा प्रदत्त द्वि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन 23 अगस्त 2024 को किया गया। संगोष्ठी शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं प्रार्थना गीत से एवं अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह से किया गया। इसके उपरांत संगोष्ठी की संयोजिका डॉ. सुतापा राय द्वारा संगोष्ठी के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शांतम बोस (चीफ कमिश्नर इनकम टैक्स, जबलपुर ) ने कहा कि “जिज्ञासा, विनम्रता और प्रेम ही वे तीन तत्व है जो हमें हमारे राष्ट्र और प्रकृति से जोड़े रखते हैं।जब हम इन्हें हृदय से महसूस करेंगे तभी अपनी प्रकृति का संरक्षण कर पाएंगे।”
बीजवक्ता रत्नेश झा (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर यू एन ग्लोबल कंपैक्ट नेटवर्क) ने अपने संदेश में कहा कि ” प्रकृति के सारे घटक एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और किसी की भी हानि सबको प्रभावित करती है अतः हमें समय रहते महत्वपूर्ण निर्णय लेकर सभी संरक्षण कार्यों को संपन्न कर लेना चाहिए।’ ।” कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं अध्यक्ष शासी निकाय परमश्रध्देय बिशप डॉ. जी. वलन अरासु ने अपने संदेश में कहा कि “पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखना एवं इसे संरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है। प्रकृति ही हम सभी का पालन-पोषण करती है और प्रकृति संरक्षण के प्रति हमें अपने कर्तव्यों को समय रहते पूरा कर लेना चाहिए जब तक हम ऐसा नहीं करेंगे तब तक पर्यावरण की सुरक्षा खतरे में रहेगी । ” महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फा. जे. जी. एंटोन रोस ने अपने संदेश में कहा कि मौसम में अनियमित परिवर्तन हम सभी के लिए घातक सिद्ध हो सकता है अतः प्रकृति के संरक्षण के लिए हमें मिलजुलकर कार्य करना अति आवश्यक है।”
कार्यक्रम के दौरान चार पुस्तकों का विमोचन किया गया- “रिकॉन्सेंस” डॉ. फा. जे. जी. एंटोन रोस, डॉ. मीता दरबारी, “रीडिंग राइम एंड इट्स रीजन”- डॉ. नीलांजना पाठक, “वसुधैव कुटुंबकम”- डॉ. जी. वलन अरासु, डॉ. रीता चौहान, डॉ. एंथोनिमा रॉबिन, डॉ. रेनू मारकंडे, “जी. 20 एंड ग्रीन ग्रोथ”- डॉ. जी. वलन अरासु, डॉ. रुपाली अहलूवालिया, डॉ. निधि खुराना।
कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन डॉ. निहारिका सिंह एवं श्री एनोश फिलिप्स एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. श्वेता लिखितकरके द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में उप-प्राचार्यगण डॉ. अंजली डिसूजा, डॉ. कल्लोल दास, डॉ. तुहिना जौहरी, डॉ. स्मारिका लॉरेंस, डॉ. अमित क्षत्री, डॉ. विश्वास पटेल, फा. प्रदीप रॉडरिक्स की मुख्य भूमिका रही।



