व्यंग्य पुरोधा हरिशंकर परसाई के स्मृति आयोजन सम्पन्न

जबलपुर दर्पण । जबलपुरl देश की ख्यातिलब्ध संस्था जबलपुर व्यंग्यम् (अपंजीकृत) द्वारा व्यंग्य पुरोधा हरिशंकर परसाई जी की स्मृति में ,’मेरी दृष्टि में हरिशंकर परसाई’ व्याख्यानमाला का आयोजन जानकीरमण महाविद्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. कुंदन सिंह परिहार ने परसाई जी के साथ बिताये अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि परसाई को जानना है तो उनका पूरा साहित्य पढ़ाना चाहिए। इससे समाज में व्याप्त विसंगतियों की जानकारी हो सकेगी। परसाई जी व्यंग्य के अहम स्तंभ हैं जो निडरता से बुराईयों पर प्रहार करने की दृष्टि और शक्ति प्रदान करते है। इस व्याख्यानमाला में देश के उद्भट व्यंग्यकार अभिमन्यु जैन, शरद जोशी सम्मान से सद्य सम्मानित सुरेश विचित्र, आचार्य विजय तिवारी किसलय, रमाकांत ताम्रकार, राकेश सोहम, विजय विश्वकर्मा, विनोद खंडालकर ने उक्ताशय के विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में व्यंग्य गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसमें आचार्य विजय तिवारी किसलय ने धूपगांव का अपग्रेडेड लड़का, रमाकांत ताम्रकार ने अस्पताल का चक्कर, सुरेश मिश्र विचित्र ने मुख्य अतिथि की पीड़ा, अभिमन्यु जैन ने भोजन और विमोचन, राकेश सोहम ने राशन में मिले डाटा, विनोद खंडालकर ने सावधान! आगे हैलमेट चेकिंग चालू आहे,डॉ. कुंदन सिंह परिहार ने भाई हिम्मत लाल का संकट और विजय विश्वकर्मा ने समाधि से सम्भोग की ओर का वाचन किया। कार्यक्रम का संचालन राकेश सोहम तथा आभार प्रदर्शन अभिमन्यु जैन द्वारा किया गया।



