जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

तीन दिवसीय हिन्दी महोत्सव उद्घाटित

जबलपुर दर्पण। जब पूरे विश्व में 600 भाषाओं पर खतरे की घंटी बज रही है उस समय हिन्दी विश्वसनीयता, सुदृढ़ता व अड‍िगता के साथ खड़ी हुई है। इसका कारण करोड़ो लोगों का हिन्दी के अपनत्व है और वे इसका सभी तरह से उपयोग कर रहे हैं। तदाशय के विचार महात्मा गांधी हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा की प्रथम लोकपाल डा. उमा त्रि‍पाठी ने आज मध्यप्रदेश विद्युत परिवार हिन्दी समिति के तत्वावधान में शक्त‍िभवन स्थ‍ित केन्द्रीय ग्रंथालय में आयोजित हिन्दी महोत्सव 2024 के उद्घाटन के अवसर पर व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन व प्रशासन एवं हिन्दी समिति के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने की। डा. उमा त्रि‍पाठी ने कहा कि जिस देश में हम रहते हैं, उस देश की मुख्य भाषा का उपयोग करना चाहिए और दूसरी भाषाओं के प्रचलित शब्दों का उपयोग करने में संकोच नहीं करना चाहिए। रानी दुर्गा‍वती विश्वविद्यालय जबलपुर की संचार अध्ययन एवं शोध विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डा. उमा त्रि‍पाठी को हिन्दी समिति के द्वारा शॉल, श्रीफल व सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पावर मैनेजमेंट कंपनी के अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक अख‍िलेश कुमार अग्रवाल, उप महाप्रबंधक प्रशासन आलोक श्रीवास्तव, हिन्दी महोत्सव के संयोजक दीपक निगम, हिन्दी समिति के महासचिव राजेश पाठक सहित बड़ी संख्या में सभी विद्युत कंपनियों के कार्मिक उपस्थि‍त थे।
भाषा का साथ नहीं छोड़ना चाहिए-मध्यप्रदेश विद्युत परिवार हिन्दी समिति के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि आम बोलचाल में शुद्ध हिन्दी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भाषा जब आपका साथ नहीं छोड़ रही, तो उसका साथ नहीं छोड़ना चाहिए। भावनाओं को व्यक्त करने के लिए और कठिन से कठिन चीजों को सरल करके समझाने के लिए भाषा की बहुत बड़ी भूमिका है।
प्रश्न मंच प्रतियोगिता में उत्साह से भाग लिया प्रतिभागियों ने-हिन्दी महोत्सव के उद्घाटन दिवस पर विद्युत कंपनियों के कार्मिकों के लिए प्रश्न मंच प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता 75 प्रतिभागियों ने अपनी सहभागिता की। प्रश्न मंच प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को 30 मिनट में हिन्दी व सामान्य ज्ञान पर केन्द्रि‍त 60 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर देने थे। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साह से भाग लिया।
एक फिल्मी प्रेमककथा नाटक की प्रस्तुति-हिन्दी महोत्सव के प्रथम दिन रंगाभरण रंग समूह के कलाकारों ने अक्षय सिंह ठाकुर के निर्देशन में हर‍िशंकर परसाई की व्यंग्य रचना पर आधारित ‘एक फिल्मी प्रेम कथा’ नाटक की प्रस्तुति दी। नाटक के कलाकारों पूजा केवट, अक्षय सिंह ठाकुर, अंशुल ठाकुर, तरुण ठाकुर, रोहित सिंह, नमन मिश्रा, सुहेल वारसी व नीतेश चौबे ने परसाई के व्यंग्य में समाहित आडंबर, पाखंड, दोमुँहापन व ढोंग को धारदार ढंग के साथ प्रस्तुत किया।
पुस्तक प्रदर्शनी आकर्षण का केन्द्र बनी-हिन्दी महोत्सव के अवसर पर त्रिलोक सिंह स्मृति पुस्तकालय की ओर से अजय व मनु यादव द्वारा एक पुस्तक प्रदर्शनी आयोजन स्थल पर संयोजित की गई है। इस प्रदर्शनी में हिन्दी साहित्य की श्रेष्ठ पुस्तकों के साथ विश्व के सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों के हिन्दी अनुवाद की पुस्तकें आकर्षण का केन्द्र रही। कार्यक्रम का संचालन मध्यप्रदेश विद्युत परिवार हिन्दी के महासचिव राजेश पाठक ने किया।
12 सितंबर को तात्कालिक निबंध प्रतियोगिता- हिन्दी महोत्सव के द्वितीय दिवस पर 13 सितंबर को तात्कालिक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन अपरांह 3.00 बजे से शक्त‍िभवन स्थि‍त केन्द्रीय ग्रंथालय में किया गया है। इस दिन विवेचना रंगमंडल द्वारा हर‍िशंकर परसाई के व्यंग्य पर आधारित निठल्ले की डायरी का मंचन किया जाएगा।

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