निजी स्कूल संचालकों से 10 हजार रुपए की डिमांड करने वाले जन-शिक्षक पर कब होगी कार्यवाही

उक्त मामले को लेकर स्कूल संचालकों ने बीआरसी से की शिकायत
पाटन जबलपुर दर्पण। नगर में इन दिनों शिक्षा विभाग के शासकीय कर्मचारियों के द्वारा नगर में स्कूल-कालेज संचालित करने वालो से उनके ऑफिशियल काम करने के लिए रिश्वत की डिमांड की जा रही है। जो संस्था इन भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारियों की डिमांड पूरी कर देता है उनका काम तुरंत कर दिया जाता है और जो संस्था इनकी डिमांड पूरी नहीं करता है उनके संचालकों को तरह तरह से परेशान किया जाता है। ऐसा ही एक मामला नगर के तान्या कॉन्वेंट हायर सेकंडरी स्कूल से निकलकर सामने आया है जहां बीआरसी में पदास्य जन शिक्षक मनीष सोनी पिता हररू सोनी निवासी पाटन के द्वारा दस हजार रुपए रिश्वत की डिमांड की गई थी जिसकी शिकायत लेकर नगर के स्कूल संचालकों ने बीआरसी घनश्याम सिंह ठाकुर से शिकायत करने पहुंचे थे।
ये हैं मामला
बताया जाता है की नगर के तान्या कॉन्वेंट हायर सेकंडरी स्कूल के टीचर जसपाल सिंह ठाकुर तहसील के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के बच्चों को शिक्षा विभाग के द्वारा 25 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है। जिसकी सूची पाटन बीआरसी में पदास्य मनीष सोनी नगर के स्कूलों को फारवर्ड करने के एवज में दस हजार रुपए की डिमांड जसपाल सिंह से की थी रूपए न देने की वजह से जन शिक्षक के द्वारा तान्या कॉन्वेंट हायर सेकंडरी स्कूल को गरीबी रेखा वाले बच्चों की सूची नही दी जा रही थी। टीचर के द्वारा यह मामला स्कूल के प्राचार्य श्री ठाकुर के संज्ञान में लाया गया और आज नगर के स्कूल संचालकों एवं श्रमजीवी पत्रकार परिषद के साथियों द्वारा बीआरसी घनश्याम सिंह ठाकुर के समक्ष रखा गया। जिस पर बीआरसी श्री ठाकुर ने मनीष सोनी को जमकर फटकार लगाई। और भविष्य में इस तरह की गलती दुबारा न हो इसकी सक्त हिदायत दी है।
कोन है मनीष सोनी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मनीष सोनी पिता हररू सोनी पाटन के मूल निवासी है इनके रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की जनपद पंचायत पाटन में पदस्य सहायक लेखा अधिकारी वृंदावन सोनी इनके सगे चाचा है जो तीन दसको से पाटन जनपद पंचायत में पदास्य है सिर्फ एक बार ही (लगभग 15-20 दिनों के लिए) अल्प समय के लिए मझौली जनपद पंचायत में ट्रांसफर हुआ था और अपने राजनौतिक रसूख के चलते फिर से पाटन जनपद पंचायत में ट्रांसफर करा लिया। इन्होंने अपने तीन दसको के कार्यकाल में अकूट सम्पत्ति बनाई थी पूर्व में भी जबलपुर दर्पण के द्वारा इनके भ्रष्टाचार और इनके ग्रह निवास पर पद स्थापना की खबरे प्रमुखता से प्रकाशित की थी। लेकिन अपने ऊंचे राजनैतिक रसूख की वजह से आज भी पाटन जनपद में नौकरी कर रहे हैं इनका ट्रांसफर करने की हिम्मत तो शासन प्रशासन में बैठे बड़े-बड़े अधिकारियों की भी नही है। अभी हाल ही में 15 अगस्त पर खुद ध्वजारोहण करने एवं राष्ट्रगान के दौरान सावधान की मुद्रा में ना आकर अपनी शर्ट,पेंट संवारते देखे जाने की ख़बर नगर के एक पत्रकार ने प्रकाशित की थी जिसकी शिकायत उसकी संस्था में करने पहुंचे थे श्रीमान जी,आज उनके ही सगे भतीजे नगर के स्कूल संचालकों से आईटी लिस्ट फारवर्ड करने के एवज में दस-दस हजार रूपए की डिमांड करने के आरोप लग रहे है जिस पर सहायक लेखा अधिकारी ने अपनी चुप्पी साध रखी है। जब इस संबंध में बीआरसी घनश्याम सिंह ठाकुर से बात करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाईल फोन रिसीव नहीं हुआ।




